पटना। बिहार चुनाव के पहले चरण में लखीसराय में हुए घटनाक्रम के बाद एक बार फिर वह मामला चर्चा में आ गया है। चुनाव के दौरान डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर हुए हमले के बाद तत्कालीन लखीसराय एसपी अजय कुमार पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठे थे। अब नई एनडीए सरकार के गठन के बाद हुए बड़े पैमाने पर आईपीएस अधिकारियों के तबादले में लखीसराय के एसपी अजय कुमार को फील्ड से हटाकर पटना बुला लिया गया है।
71 आईपीएस अधिकारियों का तबादला
गृह विभाग ने डीजी रैंक से लेकर एएसपी रैंक तक के 71 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। इसी क्रम में लखीसराय के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार को जिले से हटाकर बिहार विशेष सैन्य पुलिस (बीएमपी)-5 का समादेष्टा नियुक्त किया गया है।
चुनाव के दौरान हुआ था काफिले पर हमला
दरअसल, लखीसराय विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दिन डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पोलिंग बूथों का जायजा लेने निकले थे। इसी दौरान बूथ संख्या 404 और 405 के पास आक्रोशित लोगों ने उनके काफिले को रोक लिया। आरोप है कि काफिले की गाड़ियों पर गोबर और पत्थर फेंके गए, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई।
स्थिति को विजय सिन्हा के सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह नियंत्रित किया था। बाद में विजय सिन्हा ने मीडिया से बातचीत में इसे बूथ कैप्चरिंग की कोशिश बताया था।
एसपी पर लगाया था गंभीर आरोप
इस घटना के बाद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने तत्कालीन एसपी अजय कुमार पर कड़ा हमला बोला था। उन्होंने कहा था—
“यहां का एसपी एकदम कायर और कमजोर है।”
यह बयान उस समय काफी विवादों में रहा था और विपक्ष ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी थी।
नई सरकार, नए फैसले
अब जब बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनी है और विजय सिन्हा दोबारा डिप्टी सीएम बने हैं, तो प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कई जिलों के एसपी और एसएसपी बदले गए हैं, जिनमें लखीसराय भी शामिल है।
राजनीतिक और प्रशासनिक संकेत
अजय कुमार का फील्ड पोस्टिंग से हटाकर बीएमपी में भेजा जाना प्रशासनिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे चुनावी घटना और उसके बाद हुए विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
फिलहाल गृह विभाग ने तबादलों को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है।


