पटना/बाढ़। बिहार की राजधानी पटना से सटे बाढ़ अनुमंडल क्षेत्र में शनिवार को घने कोहरे ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया। बख्तियारपुर–मोकामा फोरलेन पर हुए भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि स्थानीय लोगों और राहगीरों को घायलों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
घने कोहरे में खड़े कंटेनर से भिड़ी स्कॉर्पियो
सबनीमा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि धर्मेश भारद्वाज के अनुसार, फोरलेन के किनारे खराब होने के कारण एक कंटेनर ट्रक खड़ा था, जो घने कोहरे में दिखाई नहीं दे रहा था। इसी दौरान बांका से फरीदाबाद जा रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कंटेनर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो कंटेनर में घुस गई।
इसके बाद पीछे से आ रही एक अन्य कार भी दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से टकरा गई, जिससे हादसा और गंभीर हो गया।
मौके पर ही चार लोगों की मौत
हादसे में स्कॉर्पियो सवार एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पिता और बेटी भी शामिल हैं। वाहन में बुरी तरह फंसे शवों को निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों को गैस कटर की मदद लेनी पड़ी। एक मामले में हादसा इतना भीषण था कि बेटी का सिर धड़ से अलग हो गया।
आधे घंटे तक ठप रही आवाजाही
दुर्घटना के बाद फोरलेन पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद एनएच की क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया गया और एक लेन से यातायात बहाल किया गया। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
अथमलगोला थाना के एएसआई अंजनी कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जबकि चारों शवों को कब्जे में लेकर अनुमंडलीय अस्पताल, बाढ़ पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह घना कोहरा और तेज रफ्तार सामने आई है। मृतकों की पहचान की जा रही है और आगे की जांच जारी है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा सर्दियों में बिहार की सड़कों पर कोहरे के कारण हो रही लगातार दुर्घटनाओं की एक और कड़ी है। पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान
- कम गति से वाहन चलाएं,
- फॉग लाइट का इस्तेमाल करें,
- सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
साथ ही प्रमुख फोरलेन और हाईवे पर कोहरे के समय चेतावनी संकेत और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग भी उठ रही है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासद घटनाओं को रोका जा सके।


