पटना। बिहार में सड़क सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने और वाहन चालकों में जिम्मेदार व्यवहार विकसित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग एवं बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की ओर से सुरक्षित वाहन चालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 224 वाहन चालकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और दुर्घटना के बाद पीड़ितों की मदद के लिए लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित करना रहा।
राह-वीर योजना की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण सत्र में सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों की सहायता से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर विशेष जोर दिया गया। चालकों को राह-वीर (गुड सेमेरिटन) योजना की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिक को 25 हजार रुपये का सम्मान राशि प्रदान की जाती है।
चालकों को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि दुर्घटना होने पर डरकर पीछे हटने के बजाय पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।
कानूनी संरक्षण का भरोसा
गुड सेमेरिटन कानून के तहत दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले व्यक्ति को कानूनी संरक्षण मिलता है और किसी भी तरह की पुलिस या कानूनी परेशानी से बचाया जाता है। समय पर की गई मदद से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
परिवहन सचिव ने क्या कहा
कार्यक्रम में मौजूद परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के समय वाहन चालकों की भूमिका सबसे अहम होती है।
“अधिकांश मामलों में दुर्घटना स्थल पर सबसे पहले वाहन चालक ही पहुंचते हैं। उनकी तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता पीड़ित की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है। दुर्घटना देखकर भागना नहीं, बल्कि मदद करना सामाजिक दायित्व है।”
— राज कुमार, परिवहन सचिव, बिहार
यातायात नियमों के पालन पर जोर
परिवहन सचिव ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की। उन्होंने सुरक्षित गति से वाहन चलाने, सीट बेल्ट और हेलमेट के उपयोग, मोबाइल फोन का प्रयोग न करने और थकान की स्थिति में वाहन न चलाने की सलाह दी।
प्रशिक्षण में दी गई जानकारियां
प्रशिक्षण सत्र के दौरान चालकों को—
- यातायात के सामान्य नियम
- सड़क संकेतों की पहचान
- लेन अनुशासन
- ओवरस्पीडिंग से बचाव
- रात और खराब मौसम में सुरक्षित ड्राइविंग
- प्राथमिक उपचार की बुनियादी जानकारी
दी गई। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का पालन सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जान बचाने के लिए जरूरी है।
आगे भी होंगे ऐसे कार्यक्रम
परिवहन विभाग ने बताया कि गुरुवार को पटना के ऑटो चालकों को सुरक्षित वाहन चालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद बस, ट्रक चालकों और ओला-उबर जैसी एग्रीगेटर सेवाओं से जुड़े चालकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
“निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था स्थापित करना सरकार का लक्ष्य है।”
— राज कुमार, परिवहन सचिव


