बेतिया/झज्जर। सोशल मीडिया पर रील बनाने की सनक ने एक बार फिर दो परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया निवासी जीजा–साले की हरियाणा के झज्जर जिले में रेलवे ट्रैक पर रील बनाते वक्त बरेली एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा दिल्ली सीमा के पास बहादुरगढ़ इलाके में हुआ।
रेलवे ट्रैक पर रील बनाते वक्त हुआ हादसा
मृतकों की पहचान 18 वर्षीय रोहित कुमार और 20 वर्षीय राहुल कुमार के रूप में हुई है। दोनों आपस में जीजा–साले थे और हरियाणा के बहादुरगढ़ में सैलून चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। नए साल के मौके पर देर शाम दोनों यह कहकर सैलून से निकले थे कि खाली समय है और रेलवे ट्रैक पर रील बनाकर जल्द लौट आएंगे।
तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आए दोनों युवक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब साढ़े चार बजे दोनों युवक दिल्ली सीमा के पास रेलवे ट्रैक पर रील बना रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बरेली एक्सप्रेस वहां पहुंच गई। ट्रेन की गति इतनी तेज थी कि दोनों युवकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे उसकी चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक हवा में उछलकर रेलवे ट्रैक पर जा गिरे।
पांच घंटे तक शव के टुकड़े समेटती रही पुलिस
हादसा बेहद भयावह था। राहुल का शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया और उसके शरीर के टुकड़े कई मीटर तक ट्रैक पर फैल गए। रोहित के भी हाथ और शरीर के अन्य हिस्से बुरी तरह कुचल गए। सूचना मिलते ही जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में पुलिस को करीब पांच घंटे तक रेलवे ट्रैक से शव के टुकड़े समेटने पड़े।
कपड़ों से हुई पहचान
दोनों शवों को नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़ ले जाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम कराया गया। शवों की हालत इतनी खराब थी कि परिजनों ने कपड़ों और निजी सामान के आधार पर ही पहचान की। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रोहित दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। उसके पिता का करीब चार साल पहले निधन हो चुका था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी बेटों पर आ गई थी। रोहित की अभी शादी नहीं हुई थी और 22 नवंबर को बहन की शादी के बाद वह काम के सिलसिले में हरियाणा गया था। वहीं राहुल की भी शादी नहीं हुई थी। वह हाल ही में बहन की शादी कराकर गांव लौटा था और छह दिन पहले ही बहादुरगढ़ पहुंचा था।
गांव में मातम
जैसे ही हादसे की खबर बेतिया के बैरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बथना पंचायत पहुंची, पूरे गांव में मातम पसर गया। मां-बाप, भाई-बहन और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस का बयान
बहादुरगढ़ पुलिस के जांच अधिकारी राजेश मुदगिल ने बताया,
“देर शाम दोनों युवक यह कहकर सैलून से निकले थे कि खाली समय है और रेलवे ट्रैक पर रील बनाकर जल्द लौट आएंगे। इसी दौरान तेज रफ्तार बरेली एक्सप्रेस ट्रेन आ गई और यह दर्दनाक हादसा हो गया।”
चेतावनी बनता हादसा
यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की लोकप्रियता के लिए जान जोखिम में डालना कितना घातक हो सकता है। एक छोटी-सी लापरवाही ने दो जिंदगियां छीन लीं और कई परिवारों को हमेशा के लिए गहरे दुख में डुबो दिया।


