नए वर्ष 2026 में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो भ्रष्ट लोकसेवकों को सिर्फ पकड़ने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समयबद्ध सजा दिलाने पर भी विशेष फोकस करेगा। इसके लिए ब्यूरो में जल्द ही स्पीडी ट्रायल कोषांग का गठन किया जाएगा, जिससे ट्रैप, डीए (आय से अधिक संपत्ति) और अन्य भ्रष्टाचार मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।
निगरानी ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने कहा कि नए साल में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की गति और परिणाम दोनों को तेज किया जाएगा। स्पीडी कोषांग के जरिए मामलों की मॉनिटरिंग हर स्तर पर की जाएगी ताकि दोषियों को समय पर सजा मिल सके।
2025 में निगरानी ब्यूरो का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन
बुधवार को निगरानी ब्यूरो कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डीजी गंगवार ने बताया कि वर्ष 2025 निगरानी ब्यूरो के इतिहास में सबसे प्रभावशाली वर्षों में से एक रहा।
पिछले 25 वर्षों में जहां औसतन 72–73 एफआईआर प्रति वर्ष दर्ज होती थीं, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 122 एफआईआर हो गई।
- 30 दिसंबर 2025 को एक ही दिन में सर्वाधिक 20 एफआईआर दर्ज की गई
- वर्षभर में औसतन हर दूसरे कार्य दिवस पर एक एफआईआर दर्ज हुई
- वर्ष 2024 में मात्र 15 एफआईआर दर्ज हुई थीं
107 लोकसेवक रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए
डीजी गंगवार ने बताया कि 2025 में दर्ज मामलों में से 101 एफआईआर ट्रैप (घूसकांड) से संबंधित थीं, जो कुल मामलों का 81–82 प्रतिशत है।
- कुल 107 भ्रष्ट लोकसेवक गिरफ्तार
- इनमें 7 महिला पदाधिकारी और 6 बिचौलिए शामिल
- 37 लाख 80 हजार 300 रुपये रिश्वत राशि जब्त
पिछले 25 वर्षों में ट्रैप मामलों का औसत जहां 47 एफआईआर रहा है, वहीं 2025 में यह आंकड़ा 101 तक पहुंच गया।
एक दिन, चार जिलों में ट्रैप—निगरानी के इतिहास में पहली बार
डीजी ने बताया—
“निगरानी ब्यूरो के इतिहास में पहली बार 27 अगस्त को एक ही दिन औरंगाबाद, खगड़िया, दरभंगा और भोजपुर में चार अलग-अलग ट्रैप कार्रवाई की गई। वहीं 17 दिसंबर को एक दिन में दो ट्रैप और एक डीए केस दर्ज हुआ।”
डीए मामलों में दोगुनी कार्रवाई, 12.77 करोड़ की अवैध संपत्ति उजागर
आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामलों में भी 2025 में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई—
- 2024 में केवल 2 डीए केस
- 2025 में 15 लोकसेवकों पर डीए केस दर्ज
- 12 करोड़ 77 लाख रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा
सबसे बड़ा डीए मामला भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ 2.74 करोड़ रुपये का है।
इनके अलावा—
- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग: 4
- ग्रामीण कार्य विभाग: 3
- पुलिस विभाग: 2 अधिकारियों पर कार्रवाई
पद के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में भी बढ़ी कार्रवाई
पद के गलत दुरुपयोग (AOPA) मामलों में—
- 2024 में 5 एफआईआर
- 2025 में 6 एफआईआर दर्ज
डीजी ने बताया कि विभागीय अनुमति की नई प्रक्रिया के कारण इन मामलों में जांच अपेक्षाकृत धीमी रही।
मामलों के निपटारे की रफ्तार भी तेज
निगरानी ब्यूरो में लंबित मामलों के निपटारे में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है—
- 2020: 17 नए केस, 23 निपटारे
- 2021: 13 नए केस, 62 निपटारे
- 2025: 80 नए केस, रिकॉर्ड 121 निपटारे
पहले जहां दोषियों को सजा दिलाने में 12–13 साल लगते थे, अब इसे कम करने के लिए स्पीडी ट्रायल व्यवस्था लागू की जा रही है। इस कोषांग की जिम्मेदारी डीआईजी-2 मृत्युंजय कुमार को सौंपी जाएगी।
नियोजित शिक्षक फर्जीवाड़ा: 1711 एफआईआर दर्ज
नियोजित शिक्षकों से जुड़े मामलों पर डीजी गंगवार ने बताया—
- 2016 से अब तक
- 6,56,595 प्रमाण पत्रों की जांच
- 1711 एफआईआर दर्ज
- 2916 शिक्षक अभियुक्त
- केवल 2025 में 130 एफआईआर दर्ज


