बिहार की राजनीति में निशांत कुमार की एंट्री पर तेज हुई चर्चा, जेडीयू सांसद ने की खुली वकालत

बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं। जहां एक ओर पार्टी के भीतर नेता अपनी इच्छा खुलकर जता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं द्वारा समर्थन में पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं। अब इस मुद्दे पर नालंदा से जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने खुलकर बयान देकर सियासी बहस को और हवा दे दी है।

कौशलेंद्र कुमार ने कहा है कि पार्टी को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए निशांत कुमार को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए।


क्या निशांत कुमार को राजनीति में आना चाहिए?

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इस सवाल पर जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने साफ कहा कि निशांत कुमार को लेकर पार्टी और जनता दोनों के बीच डिमांड है। उन्होंने कहा—

“नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में जो काम किया है, वही पार्टी की असली पूंजी है। इस बार एनडीए को जो 202 सीटें मिली हैं, वह भी हमारी ताकत है। अगर ऐसे में निशांत राजनीति में नहीं आते हैं, तो पार्टी को नुकसान हो सकता है।”

उन्होंने कहा कि गरीब-गुरबा और नीतीश कुमार को मानने वाली जनता चाहती है कि अब उनका बेटा आगे आए।


जेडीयू के लिए क्यों जरूरी हैं निशांत कुमार?

कौशलेंद्र कुमार का कहना है कि निशांत कुमार का महत्व सिर्फ मुख्यमंत्री का बेटा होने की वजह से नहीं है, बल्कि उनका व्यवहार, काम करने का तरीका और लोगों से जुड़ाव इसकी बड़ी वजह है।

“अगर नीतीश कुमार को अपने बेटे को राजनीति में लाना होता, तो वे पहले ही ले आते। सच यह है कि न नीतीश कुमार चाहते हैं और न ही निशांत खुद। लेकिन हम लोगों का अनुरोध है कि वे आगे आएं, क्योंकि उनके आने से पार्टी कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत होगी।”


क्या निशांत के न आने से जेडीयू टूट जाएगी?

इस सवाल पर जेडीयू सांसद ने कहा कि पार्टी में टूट की बात सही नहीं है, लेकिन नुकसान जरूर हो सकता है। उन्होंने कहा—

“आज लोग युवा और पढ़े-लिखे नेताओं को तलाश रहे हैं। निशांत युवा भी हैं और शिक्षित भी। उनका व्यवहार भी लोगों को पसंद आता है।”


सीएम पद को लेकर क्या बोले सांसद?

निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर कौशलेंद्र कुमार ने संयमित जवाब दिया—

“हम यह नहीं कह रहे कि उन्हें तुरंत मुख्यमंत्री बना दिया जाए। नीतीश कुमार अभी हैं। लेकिन पार्टी की कमान संभालनी चाहिए। आगे का रास्ता खुद-ब-खुद खुलेगा।”

उन्होंने दावा किया कि गांव-देहात की जनता भी यही चाहती है, और अगर सर्वे कराया जाए तो समर्थन साफ दिखेगा।


बढ़ती गतिविधियों से अटकलें तेज

पिछले कुछ महीनों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य और सक्रियता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। पार्टी कार्यक्रमों में उनकी सीमित मौजूदगी के बीच जेडीयू के भविष्य को लेकर नेताओं की चिंता भी सामने आ रही है।

इसी बीच निशांत कुमार की राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी हैं, खासकर नालंदा क्षेत्र में। वे कई कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं और उनके बयान भी लगातार सामने आ रहे हैं। एनडीए की विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद इन चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है।


कौन हैं कौशलेंद्र कुमार?

कौशलेंद्र कुमार नालंदा लोकसभा सीट से लगातार चौथी बार सांसद बने हैं और उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भरोसेमंद नेता माना जाता है।

  • 2009 में पहली बार सांसद बने
  • 2014 में जब जेडीयू ने अकेले चुनाव लड़ा था, तब पार्टी को सिर्फ दो सीटें मिली थीं—पूर्णिया और नालंदा
  • नालंदा सीट पर नीतीश कुमार का भरोसा लगातार कौशलेंद्र कुमार पर रहा है

 

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