बिहार के छपरा में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. सजल कुमार के अपहरण के असफल प्रयास का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। सारण के एसएसपी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि इस सनसनीखेज मामले में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें इस साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड भी शामिल है।
साथी डॉक्टर ही निकला मुख्य साजिशकर्ता
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस अपहरण की साजिश रचने वाला कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि डॉ. सजल कुमार के साथ काम करने वाला डॉक्टर ही है। मुख्य आरोपी की पहचान डॉ. शिवनारायण सिंह के रूप में हुई है, जो एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट हैं। वह पटना के बुद्धा कॉलोनी, ईस्ट बोरिंग कैनाल रोड के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों डॉक्टरों के बीच एक बड़े भूखंड को लेकर विवाद चल रहा था, इसी विवाद ने इस आपराधिक साजिश को जन्म दिया।
जमीन विवाद बना अपहरण की वजह
एसएसपी ने बताया कि हाल ही में डॉ. सजल कुमार ने एक बड़ा भूखंड खरीदा था। इसके बाद डॉ. शिवनारायण सिंह ने उसमें हिस्सेदारी की मांग की। डॉ. सजल को आर्थिक रूप से सक्षम मानते हुए आरोपी ने उन्हें अगवा कर करीब एक करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने की योजना बनाई थी। हालांकि, फिरौती की सटीक रकम की जांच अभी जारी है।
कैसे नाकाम हुआ अपहरण का प्रयास
यह घटना 17 दिसंबर की रात की है। जब डॉ. सजल कुमार अपने क्लिनिक से घर लौट रहे थे, तभी हथियारबंद अपराधियों ने उन्हें और उनके केयरटेकर को बंदूक की नोक पर कार में बैठा लिया।
चलती कार में मौका पाकर डॉ. सजल कुमार ने सूझबूझ दिखाते हुए छलांग लगा दी और भागने में सफल रहे। इसी दौरान अपराधियों की कार एक पोल से टकरा गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई और आरोपी फरार हो गए।
SIT की कार्रवाई, मुठभेड़ में दो आरोपी घायल
घटना के बाद पुलिस ने अनुमंडल पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। जांच के दौरान पहले गोलू कुमार और रंजन राय को गिरफ्तार किया गया।
हथियार बरामदगी के लिए ले जाने के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से दोनों के पैर में चोट लगी और उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
एसएसपी डॉ. कुमार आशीष के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में
- डॉ. शिवनारायण सिंह (मुख्य साजिशकर्ता)
- मोंटी भारती (हरियाणा निवासी)
- गोलू कुमार
- धीरज गिरी
- रंजन राय
- सोनू राय
शामिल हैं। एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो देसी कट्टा, एक देसी पिस्तौल, जिंदा कारतूस, खोखे और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
एसएसपी का बयान
एसएसपी डॉ. कुमार आशीष ने कहा,
“यह अपहरण की साजिश किसी बाहरी गैंग की नहीं थी, बल्कि अंदरूनी थी। मुख्य साजिशकर्ता डॉ. सजल कुमार के साथ रहने और काम करने वाला डॉक्टर ही है। उसने अपराधियों को किराए पर लेकर करीब एक करोड़ रुपये की फिरौती की योजना बनाई थी।”
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में एसडीपीओ सदर, नगर थाना अध्यक्ष संजीव कुमार, भगवान बाजार थाना अध्यक्ष सुभाष कुमार और जिला सूचना इकाई की टीम की अहम भूमिका रही। एसएसपी ने कहा कि तकनीकी जांच और त्वरित छापेमारी से ही मामले का तेजी से खुलासा संभव हो सका। फिलहाल पुलिस आगे की जांच में जुटी है।


