बिहार में नई सरकार के गठन के बाद भी सियासी बयानबाज़ी थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। बीते कुछ दिनों से सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों से उनकी दूरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसी को लेकर अब सत्ताधारी दलों ने उन पर तंज कसना शुरू कर दिया है।
बीजेपी का तंज, सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
भारतीय जनता पार्टी ने तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तंज भरा पोस्ट साझा किया है। पोस्ट में उन्हें ‘लापता’ बताते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज़ में लिखा गया कि तेजस्वी यादव की तलाश की जा रही है। बीजेपी के इस पोस्ट को लेकर सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि जब राज्य में नई सरकार बनी और जनता से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की भूमिका निभाने की ज़रूरत थी, उस वक्त नेता प्रतिपक्ष का सार्वजनिक रूप से सामने न आना कई सवाल खड़े करता है। पार्टी का आरोप है कि तेजस्वी यादव राजनीतिक जिम्मेदारियों से बचते नजर आ रहे हैं।
जेडीयू ने भी ली चुटकी
बीजेपी के बाद जनता दल यूनाइटेड भी इस मुद्दे पर पीछे नहीं रही। जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए तीखा बयान दिया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जो विद्यार्थी पढ़ाई में रुचि नहीं रखते, वे अक्सर स्कूल से भाग जाया करते हैं। उनका इशारा सीधे तौर पर तेजस्वी यादव की ओर था।
नीरज कुमार ने आगे कहा कि बिहार की जनता ने तेजस्वी यादव को राजनीतिक रूप से नकार दिया है और यही कारण है कि वे अब सियासी मंच से दूर दिखाई दे रहे हैं। जेडीयू नेता ने विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को मजबूत विपक्ष की उम्मीद होती है, लेकिन मौजूदा स्थिति में नेता प्रतिपक्ष गायब नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज, जवाब का इंतजार
तेजस्वी यादव को लेकर बीजेपी और जेडीयू के इन बयानों के बाद बिहार की राजनीति और गर्मा गई है। हालांकि, अब तक इस पूरे मामले पर तेजस्वी यादव या राष्ट्रीय जनता दल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बनाएगा। फिलहाल बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और सबकी नजर तेजस्वी यादव की अगली राजनीतिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।


