जमुई: पत्रकार गोकुल यादव हत्याकांड में बड़ा फैसला, सभी 6 दोषियों को उम्रकैद

बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला में हुए चर्चित पत्रकार गोकुल यादव हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम अमरेंद्र श्रीवास्तव की अदालत ने सभी छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा नहीं करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

तीन साल बाद आया कोर्ट का फैसला

करीब तीन साल की लंबी सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। सरकारी अधिवक्ता चंद्रभानु सिंह ने बताया कि,

“न्यायालय ने मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सभी छह अभियुक्तों को दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।”

10 अगस्त 2022 को हुई थी हत्या

मृतक पत्रकार गोकुल यादव की हत्या 10 अगस्त 2022 को सिमुलतला थाना क्षेत्र में हुई थी। परिजनों के अनुसार, सुबह करीब 10:30 बजे गोकुल यादव खबर के सिलसिले में बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान तीन मोटरसाइकिलों पर सवार 6–7 अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोकुल यादव को छाती और पीठ में तीन गोलियां लगीं और वे मौके पर ही गिर पड़े।

भाई और दोस्त थे चश्मदीद

घटना के वक्त गोकुल यादव के भाई मथुरा यादव और दोस्त राकेश कुमार पीछे से आ रहे थे। दोनों ने पूरी वारदात अपनी आंखों से देखी। घायल अवस्था में गोकुल यादव को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जमुई सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पंचायत चुनाव की रंजिश में हत्या का आरोप

मृतक के भाई मथुरा यादव के बयान पर सिमुलतला थाना कांड संख्या 75/2022 दर्ज किया गया था। एफआईआर में बताया गया कि पंचायत चुनाव को लेकर बीरबल यादव और मुनेश्वर यादव से पहले विवाद और मारपीट हुई थी। वहीं अजय यादव से भी पुरानी रंजिश चल रही थी और जान से मारने की धमकी दी गई थी।

छह दोषियों को उम्रकैद और जुर्माना

अदालत ने ट्रायल के दौरान गवाहों के बयान, एफएसएल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सभी छह अभियुक्तों को दोषी ठहराया। दोषी करार दिए गए लोगों में
बीरबल यादव, मुनेश्वर यादव (दोनों भाई), सरफराज अंसारी, पंकज यादव, अजय यादव और योगेंद्र यादव शामिल हैं।

कोर्ट ने हत्या की धारा 302 IPC के तहत सभी दोषियों को आजीवन कारावास के साथ 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी 3,000 से 5,000 रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है।

परिवार ने कहा—तीन साल बाद मिला न्याय

अदालत के फैसले के बाद गोकुल यादव के परिजनों ने कहा,

“तीन साल के लंबे संघर्ष के बाद हमें न्याय मिला है। हम न्यायालय का आभार व्यक्त करते हैं। इस फैसले से ऐसे अपराधों पर रोक लगेगी।”


 

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