बिहार के किसानों के हितों की सुरक्षा और खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने रविवार देर रात सिवान जिले के चैनपुर स्थित विवेक कृषि सेवा केंद्र का औचक निरीक्षण किया। यह दौरा हाल ही में कृषि विभाग के अधिकारियों को दिए गए उस निर्देश का हिस्सा है, जिसमें शनिवार और रविवार को मुख्यालय छोड़कर फील्ड में जाकर जमीनी हालात की समीक्षा करने को कहा गया है।
खाद स्टॉक और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच
निरीक्षण के दौरान सिवान के जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। कृषि मंत्री ने दुकान में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के उर्वरकों के भौतिक स्टॉक की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही पीओएस मशीन के माध्यम से डिजिटल रिकॉर्ड का भी सत्यापन कराया, ताकि भंडारण और बिक्री में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने खाद की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसान राज्य और देश की रीढ़ हैं और उनके शोषण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद की कालाबाजारी या अधिक मूल्य वसूली करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रभावशाली दोषी भी नहीं बचेंगे
कृषि मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि किसान विरोधी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को रियायत नहीं मिलेगी।
उन्होंने कहा,
“किसानों का शोषण करने वाला चाहे कितना भी बड़ा या प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। ऐसी कार्रवाई होगी कि आगे कोई भी किसान के साथ गलत करने से पहले सौ बार सोचे।”
अधिकारियों को कड़ी निगरानी के निर्देश
औचक निरीक्षण का उद्देश्य खाद भंडारण और वितरण की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था। मंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों तक सही मात्रा में, सही समय पर और निर्धारित मूल्य पर खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। फसल सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या कमी को गंभीरता से लिया जाएगा।
किसानों से शिकायत दर्ज कराने की अपील
मंत्री ने किसानों से अपील की कि खाद खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, मात्रा और कीमत पर विशेष ध्यान दें। यदि कोई दुकानदार अधिक मूल्य वसूलता है या नकली अथवा घटिया उर्वरक बेचता है, तो इसकी सूचना तुरंत जिला कृषि अधिकारी या कृषि विभाग को दें। शिकायत मिलने पर जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसान हितैषी नीतियों पर सरकार का जोर
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने किसानों से बातचीत भी की और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार किसानों की भलाई और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना, बीमा योजनाओं का लाभ और फसलों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।


