भागलपुर व्यवहार न्यायालय में वर्ष की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित, 27 बेंचों पर हजारों मामलों का सुलह के आधार पर निष्पादन

भागलपुर।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश के आलोक में शनिवार को भागलपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में वर्ष 2025 की चौथी एवं अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित, सरल और आपसी सुलह के माध्यम से निष्पादन कर आम नागरिकों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना रहा।

राष्ट्रीय लोक अदालत का औपचारिक उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भागलपुर धर्मेंद्र कुमार सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम, प्रभारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी तथा वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।

27 बेंचों पर हुआ मामलों का निपटारा
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में भागलपुर में 20, नवगछिया में 4 तथा कहलगांव में 3 बेंचों का गठन किया गया। इस प्रकार कुल 27 बेंचों पर विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सुलह के आधार पर निष्पादन किया गया। लोक अदालत में बैंक ऋण वसूली, बिजली बिल विवाद, दीवानी वाद, शमनीय आपराधिक वाद, पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद, मोटर दुर्घटना बीमा दावा, ट्रैफिक चालान सहित अन्य मामलों को प्राथमिकता के साथ सुना गया।

23 हजार से अधिक पक्षकारों को भेजा गया था नोटिस
जानकारी के अनुसार इस लोक अदालत के लिए करीब 23 हजार से अधिक पक्षकारों को पूर्व में नोटिस जारी किया गया था। बड़ी संख्या में पक्षकार न्यायालय परिसर में उपस्थित होकर अपने-अपने मामलों का सुलह के आधार पर समाधान कराते नजर आए।

लोक अदालत की विशेषता
लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहां सुलह के माध्यम से निपटाए गए मामलों में अपील का कोई प्रावधान नहीं होता, जिससे दोनों पक्षों को स्थायी समाधान मिलता है। मोटर वाहन चालान से संबंधित मामलों का भी मौके पर ही निष्पादन किया गया, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिली।

न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने की सराहना
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय पाने का सरल, सस्ता और प्रभावी माध्यम है, जिससे न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है। वहीं जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने लोक अदालत की उपयोगिता बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से आम नागरिकों को समय और धन दोनों की बचत होती है तथा आपसी सौहार्द के साथ विवादों का समाधान संभव हो पाता है।

बड़ी संख्या में अधिवक्ता और पक्षकार रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, सिविल जज (सीनियर एवं जूनियर डिवीजन), अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी एवं बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे। वर्ष की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर न्यायालय परिसर में दिनभर चहल-पहल बनी रही और हजारों मामलों का शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटारा किया गया।

  • Related Posts

    कल्याण विगहा में ‘निशांत’ उदय! पूर्वजों के आशीर्वाद से शुरू किया सियासी सफर; समर्थकों ने लगाए ‘भावी मुख्यमंत्री’ के नारे, क्या नीतीश के उत्तराधिकारी तैयार हैं?

    Share Add as a preferred…

    Continue reading