भागलपुर जिले के जगदीशपुर पंचायत के योगीवीर गांव में शुक्रवार को क्रॉप कटिंग के तहत धान की उपज का विस्तृत आकलन किया गया। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में स्वयं जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी मौजूद रहे। डीएम खेत में पहुंचकर वैज्ञानिक पद्धति से फसल कटाई की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण करते दिखे।
डीएम नवल किशोर चौधरी ने पैक्स अध्यक्ष मुकेश पंजियारा के खेत में धान की क्रॉप कटिंग के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उपज निर्धारण के आंकड़े पूरी सटीकता और पारदर्शिता के साथ तैयार किए जाएं, ताकि भविष्य में किसानों को मिलने वाली सभी योजनाओं का लाभ सही और वास्तविक उपज के आधार पर मिल सके।
किसानों से सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं, खेती में आ रही चुनौतियों, सिंचाई स्थिति और सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि
“क्रॉप कटिंग का वास्तविक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान को बीमा, मुआवजा और अन्य सरकारी सहायता—सही उपज के आधार पर मिले।”
किसानों ने भी डीएम के इस पहल का स्वागत किया और कहा कि वैज्ञानिक मूल्यांकन से उपज की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी, जिससे उन्हें मिलने वाले लाभ में पारदर्शिता बढ़ेगी।
अधिकारियों की संयुक्त मौजूदगी
कार्यक्रम में जगदीशपुर बीडीओ अमित कुमार, अंचल पदाधिकारी, कृषि विभाग के किसान सलाहकार सहित पूरी टीम मौजूद रही। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि क्रॉप कटिंग क्यों जरूरी है और यह आंकड़े राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं में किस तरह उपयोग किए जाते हैं।
किसानों ने कही अपनी बात
किसानों का कहना था कि प्रशासन द्वारा खेत पर आकर वैज्ञानिक तरीके से प्रक्रिया को देखना उनके प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। इससे फसल मूल्यांकन में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा।
डीएम का संदेश
नवल किशोर चौधरी ने कहा कि
“किसानों का हित सर्वोपरि है। सही आंकड़े ही सही लाभ सुनिश्चित करते हैं। प्रशासन की कोशिश है कि किसी किसान को गलत मूल्यांकन की वजह से नुकसान न उठाना पड़े।”
क्रॉप कटिंग का यह निरीक्षण भागलपुर में कृषि कार्यों की वास्तविक स्थिति समझने और किसान-केंद्रित निर्णय लेने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


