पाकिस्तानी दिग्गजों ने निकाल ली कुलदीप यादव की तोड़, 14 अक्टूबर को कैसे बचेंगे ‘चाइनामैन’ स्पिनर?

वर्ल्ड कप 2023 का सबसे बहु प्रतीक्षित मुकाबला 14 अक्टूबर को भारत और पाकिस्तान के बीच अहमदाबाद में खेला जाएगा। इस मैच पर सबकी नजर गड़ी हुई है। मैच से पूर्व पाकिस्तानी दिग्गजों ने एक शो में भारतीय स्टार स्पिनर कुलदीप यादव की उम्दा गेंदबाजी की काठ निकाली है। दरअसल, मौजूदा समय में कुलदीप यादव जबर्दस्त फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने अपने पिछले मुकाबले में भी उम्दा गेंदबाजी करते हुए भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनसे पाकिस्तान के खिलाफ भी उम्दा गेंदबाजी की उम्मीद है।

फुलर लेंथ गेंदबाजी से कुलदीप बने खतरा:

कुलदीप यादव की फुलर लेंथ गेंदबाजी बल्लेबाजों को लगातार हैरानी में डाले हुए है। जहां भारतीय चाइनामैन’ स्पिनर लगातार अपनी इन गेंदों से विपक्षियों को परेशान कर रहा है। वहीं पाकिस्तानी स्पिनर शादाब खान अपनी इन गेंदों से कुछ खास छाप नहीं छोड़ पा रहे हैं। कुलदीप के इसी गेंदबाजी पर स्‍पोर्ट्स चैनल ए में पाकिस्‍तान के दिग्‍गज क्रिकेटरों मिस्‍बाह उल हक, शोएब मलिक और मोईन खान ने खास बातचीत की। पूर्व कप्तान मिस्‍बाह ने अपना विचार साझा करते हुए कहा है कि विपक्षी बल्लेबाज कुलदीप यादव को ‘पिक’ नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘लेग स्पिनर (दाहिने हाथ) का फिर भी समझ आता है। शादाब को करीब सारे बल्लेबाज खेल चुके हैं। बाएं हाथ के रिस्‍ट लेग स्पिनर को समझना मुश्किल होता है। इनकी गेंदे थोड़ी अलग तरीके से आती हैं। इन एंगल के गेंदबाजों की गुगली समझ से परे होती है। ऐसे गेंदबाज बहुत कम हैं। ऑस्‍ट्रेलियाई टीम के खिलाफ आपने देखा वो उनकी आगे की गेंदों को भी पैर बंद करके खेल रहे थे। ये उस वक्त होता है जब आपको समझ नहीं आती है कि गेंद किस तरह घूमने वाली है।

49 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर के अनुसार कुलदीप यादव ने खुद में काफी बदलाव किए हैं। वह धीमी गति के बजाय अब तेज गति से गेंदे डाल रहे हैं। धीमी गति की गेंदों पर बल्लेबाजों को थोड़ा आइडिया लग जाता था, लेकिन तेज गति की गेंदों पर वह समझ नहीं पा रहे हैं। नए वेरिएशन की वजह से वह काफी सफल हो रहे हैं।

मिस्‍बाह के अलावा शोएब मलिक का मानना है कि उनके तरकश में स्लाइडर गेंदे भी आ गई हैं। पहले उनकी गेंदबाजी मे यह नहीं देखी जाती थी। इन सब के अलावा लेग स्पिनर और लेफ्ट ऑर्म लेग स्पिनर का एंगल अलग होता है। लेग ऑर्म लेग स्पिनर कम होते हैं। जिसकी वजह से बल्लेबाजों को ऐसे स्पिनरों को खेलने का अनुभव कम होता है।

इन दोनों खियालड़ियों से इतर पूर्व विकेटकीपर मोईन अली का मानना है कि एंगल-वेरिएशन तो है, लेकिन उससे बड़ी बात यह है कि वह गेंद को टर्न कराने की कोशिश करता है। मैदान मे जब गेंद घूमती है तो अच्छे से अच्छे बल्लेबाजों की हवा टाइट हो जाती है। उसका मेन हथियार उसका टर्न कराना है।

  • ये भी पढ़े..

    बिहार में खेल कोटे की नौकरियों पर बड़ा सवाल, रग्बी खिलाड़ियों के प्रमाणपत्र और मैच रिकॉर्ड की होगी जांच

    Share Add as a preferred…

    स्पेन के उनाई साइमन बने गोल्डन ग्लव विजेता, किलियन एम्बाप्पे ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्डन बूट

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *