
बिहार चुनाव के नतीजे आने के बाद नई सरकार बनने की प्रक्रिया तेजी पकड़ चुकी है। 19 नवंबर को एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें गठबंधन के नेता का चयन किया जाएगा। इसके अगले दिन 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह होगा। इस भव्य आयोजन की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं।
इसी बीच अचानक राजनीतिक हलचल तब बढ़ गई जब केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा रातोरात दिल्ली रवाना हो गए। दोनों नेताओं को बीजेपी ने तत्काल प्रभाव से दिल्ली बुलाया था। चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली प्रस्थान के बाद अब राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि क्या सरकार गठन को लेकर कोई पेंच फंस गया है?
हालांकि आधिकारिक तौर पर इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन अचानक हुई इस कार्रवाई ने कई अटकलों को हवा दे दी है।
शपथ ग्रहण में पीएम मोदी समेत कई दिग्गज होंगे शामिल
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कि 20 नवंबर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को एक उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत कई बड़े राजनीतिक नेता और समाज के प्रबुद्धजन शामिल होंगे।
19 नवंबर को इस्तीफा देंगे नीतीश कुमार
सूत्रों के अनुसार, 20 नवंबर को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उससे एक दिन पहले, यानी 19 नवंबर को वे अपने पद से इस्तीफा देंगे, जिसके बाद 17वीं बिहार विधानसभा भंग हो जाएगी।
इससे पहले नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज मंत्रिपरिषद की अंतिम बैठक संपन्न हुई। करीब 15 मिनट चली बैठक में तीन प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक बाद नीतीश कुमार ने कैबिनेट की सलाह राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सौंपी। उनके साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद थे।राजभवन में लगभग 22 मिनट रहने के बाद मुख्यमंत्री अपने आवास लौटे, जहां उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की।


