
बिहार विधानसभा चुनाव में RJD की करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव के परिवार में मचा बवाल अब खुले तौर पर सामने आ चुका है। RJD सुप्रीमो की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर भावुक और दर्दभरा संदेश लिखकर पूरे राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी है। पार्टी की हार पर सवाल उठाने के बाद रोहिणी के साथ दुर्व्यवहार की बात सामने आने के बाद सांसदों, नेताओं और आम लोगों में भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
चुनाव हार के बाद RJD में उथल-पुथल, रोहिणी का गंभीर आरोप
बिहार चुनाव में RJD को मिली शर्मनाक हार के बाद पार्टी की बैठक और रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे। जब पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने हार पर सवाल पूछा, तो कथित तौर पर उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया।
रोहिणी का आरोप है कि—
- उन्हें सवाल पूछने पर गंदी गालियां दी गईं
- चप्पल उठाकर मारने की कोशिश हुई
- उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई गई
- परिवार ने उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश नहीं की
रोहिणी ने कहा कि वे सिर्फ यह जानना चाहती थीं कि पार्टी की हार की जिम्मेदारी कौन लेगा, लेकिन जवाब मिलने के बजाय उन्हें घर से ही निकाल दिया गया।
लालू परिवार में बढ़ा तनाव, रोहिणी ने तोड़ा नाता – सिंगापुर के लिए रवाना
घटना के बाद रोहिणी आचार्य ने लालू परिवार से नाता तोड़ने और राजनीति छोड़ने का निर्णय लिया। भावनात्मक स्थिति में वह देर शाम पटना से सिंगापुर के लिए रवाना हो गईं, जहाँ उनका परिवार रहता है।
सूत्रों के मुताबिक, रोहिणी की नाराजगी का मुख्य कारण तेजस्वी यादव और उनके सलाहकारों की ओर से मिली प्रतिक्रिया है। रोहिणी ने तेजस्वी, संजय यादव और रमीज नेमत खान पर पार्टी के पतन के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
सोशल मीडिया पर रोहिणी का भावुक पोस्ट — “मुझे अनाथ बना दिया गया”
अपना दर्द साझा करते हुए रोहिणी ने एक्स (Twitter) पर लिखा—
“कल एक बेटी, एक बहन, एक शादीशुदा महिला, एक मां को जलील किया गया। गंदी गालियां दी गईं, चप्पल उठाकर मारने की कोशिश हुई। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच से मुंह नहीं मोड़ा, इसलिए मुझे यह अपमान झेलना पड़ा।”
उन्होंने आगे लिखा—
“कल मैं मजबूरी में रोते हुए अपनी मां-बाप और बहनों को छोड़कर चली आई। मुझसे मेरा मायका छीना गया… मुझे अनाथ बना दिया गया। आप सब मेरे रास्ते पर कभी मत चलिए, किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी या बहन पैदा न हो।”
उनका यह पोस्ट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो चुका है।
तेजस्वी पर अप्रत्यक्ष निशाना, संजय यादव और रमीज खान को बताया जिम्मेदार
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि रोहिणी के इस पोस्ट का निशाना सीधा-सीधा तेजस्वी यादव और उनके सलाहकारों पर है।
पार्टी की हार और RJD में गिरते जनाधार को लेकर भी रोहिणी लगातार चिंता जाहिर करती रही हैं।
RJD की बैठक में तेजस्वी और संजय यादव की भूमिका को हाल के दिनों में पार्टी के अंदर कई बार सवालों के घेरे में रखा गया है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल — RJD की छवि पर बड़ा असर
रोहिणी आचार्य के बयान के बाद—
- BJP
- JDU
- LJP
- NDA के अन्य नेता
लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
विपक्ष इस मामले को “लालू परिवार की टूट” और “RJD की अंदरूनी कलह” के उदाहरण के रूप में पेश कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि RJD में इस तरह का विवाद पार्टी की छवि को गहरा नुकसान पहुँचा सकता है।
क्या लालू प्रसाद हस्तक्षेप करेंगे?
लालू प्रसाद यादव फिलहाल इस पूरे मामले पर चुप हैं।
लेकिन पार्टी के अंदर यह सवाल उठ रहा है कि—
- क्या लालू प्रसाद एक बार फिर परिवार को एकजुट कर पाएंगे?
- क्या तेजस्वी यादव इस विवाद को शांत करने के लिए आगे आएंगे?
RJD की हार के बाद यह विवाद पार्टी के लिए बड़ा संकट बनता जा रहा है।


