श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में शुक्रवार देर रात नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। रात करीब 11:15 बजे हुए इस धमाके में इंस्पेक्टर सहित कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई पुलिसकर्मी, फोरेंसिक विशेषज्ञ और दो नागरिक शामिल हैं।
धमाका इतना जोरदार था कि थाने का बड़ा हिस्सा ढह गया, पार्किंग में खड़ी कई गाड़ियों में आग लग गई और आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए। विस्फोट की आवाज लगभग 14 किलोमीटर दूर तक सुनाई गई, जिससे शहर में दहशत फैल गई।
रेड फोर्ट ब्लास्ट लिंक की जांच के दौरान हुआ विस्फोट
पुलिस के मुताबिक यह विस्फोट तब हुआ जब फोरेंसिक टीम और पुलिस अधिकारी अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक रसायनों की जांच कर रहे थे।
ये रसायन हाल ही में फरीदाबाद से बरामद किए गए थे और दिल्ली के लाल किले धमाका केस से जुड़े जांच का हिस्सा थे।
बरामदगी में शामिल था:
- 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट
- पोटैशियम नाइट्रेट
- सल्फर
- IED बनाने की सामग्री
इन सामग्रियों के तार जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े एक ‘व्हाइट-कॉलर’ मॉड्यूल से जुड़े पाए गए थे।
इसी केस में गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई और डॉ. शाहीना सईद से मिली जानकारी के आधार पर अभी तक 2,900 किलो से अधिक विस्फोटक बरामद किया जा चुका था। नौगाम पुलिस स्टेशन में इसी मामले से जुड़ी जांच चल रही थी।
घटना के समय मौजूद थे 50 से ज्यादा लोग
विस्फोट के समय थाने में:
- डीएसपी रैंक का अधिकारी
- तहसीलदार
- कई फोरेंसिक विशेषज्ञ
- और लगभग 50 व्यक्ति मौजूद थे
मौके पर ही कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
घायलों में 24 पुलिसकर्मी और 5 नागरिक शामिल हैं।
5 घायलों को सेना के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी का इलाज श्रीनगर के अन्य अस्पतालों में चल रहा है।
“यह दुर्घटना है, आतंकी हमला नहीं”—DGP जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर पुलिस के DGP ने बयान जारी करते हुए कहा:
“यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना प्रतीत होती है। अभी तक किसी आतंकी हमले का संकेत नहीं मिला है।”
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि
“जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुँचना ठीक नहीं होगा।”
मामले की गंभीरता को देखते हुए
- एसएसपी श्रीनगर
- डीआईजी सेंट्रल कश्मीर
- और आईजी कश्मीर
मौके पर पहुँचे। सीआरपीएफ ने पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षात्मक घेरा बनाया है।
पोस्टर केस की भी चल रही थी जांच
नौगाम पुलिस थाने में पिछले महीने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े “व्हाइट-कॉलर नेटवर्क” का एक और केस दर्ज था।
अक्टूबर में मिले जैश के पोस्टरों ने बड़ी जांच का रास्ता खोला था, जिसके बाद कई जगहों से विस्फोटक जब्त किए गए थे।
इसी जांच के सिलसिले में फोरेंसिक टीमें नौगाम में मौजूद थीं।
इलाके में दहशत, कई खुलासों की उम्मीद
धमाका इतना प्रभावी था कि आसपास के आवासीय क्षेत्रों में लोग घरों से बाहर निकल आए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि
“पहले लगा भूकंप आया है, पूरा इलाका कांप गया।”
वर्तमान में
- मलबा हटाने का काम जारी है
- फोरेंसिक टीम नमूने इकट्ठे कर रही है
- और पुलिस घटनास्थल को पूरी तरह सील कर चुकी है
जांच पूरी होने पर विस्फोट के तकनीकी कारणों को लेकर और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।


