
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के मतदान से पहले राज्य में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म रहा। इस बार के चुनाव प्रचार में नेताओं ने आसमान से लेकर जमीन तक हर मंच का उपयोग किया—हेलीकॉप्टर रैलियां, विशाल रोड शो, हाईटेक सोशल मीडिया कैंपेन और जमीनी सभाओं का अनोखा मिश्रण देखने को मिला।
तेजस्वी यादव सबसे आगे — 171 जनसभाएं, युवाओं में जबरदस्त क्रेज
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने प्रचार अभियान में रिकॉर्ड 171 जनसभाएं कर सभी दलों में सबसे ज्यादा दौरा किया।
उन्होंने बेरोजगारी, शिक्षा और युवाओं की समस्याओं को चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाया।
भीड़ को देखते हुए यह साफ झलका कि युवा वर्ग में तेजस्वी की लोकप्रियता इस बार भी मजबूत रही।
नीतीश कुमार का परंपरागत अंदाज — 84 जनसभाएं, 1000 किलोमीटर से अधिक सड़क यात्रा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पुराने अंदाज में जनता से सीधे जुड़ने पर जोर दिया।
उन्होंने कुल 84 जनसभाएं कीं और उनमें से 11 सभाओं के लिए सड़क मार्ग से यात्रा की—इस दौरान उन्होंने 1000 किलोमीटर से अधिक की जमीनी यात्रा की।
जेडीयू के पास सिर्फ दो हेलीकॉप्टर थे, फिर भी नीतीश ने अधिकतर सभाएं ज़मीनी संपर्क पर केंद्रित रखीं।
मोदी, शाह, योगी और अखिलेश का पावर शो
इस बार चुनाव प्रचार में राष्ट्रीय नेता भी पूरे दमखम से उतरे:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी — 14 बड़ी रैलियां + पटना में विशाल रोड शो
- गृह मंत्री अमित शाह — कई जिलों में लगातार रैलियां
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ — 34 जनसभाएं
- अखिलेश यादव — 12 सभाएं
- लालू प्रसाद यादव — सीमित संख्या में लेकिन प्रभावी रैलियां
भाजपा ने इस बार 12 हेलीकॉप्टर और कई चार्टर विमानों का उपयोग किया ताकि नेता एक ही दिन में कई जिलों में जा सकें।
हेलीकॉप्टर रैलियों और रोड शो का अनोखा संगम
इस चुनाव में आसमान से उड़ान और जमीन पर जनसंपर्क का मिलाजुला स्वरूप देखने को मिला।
जहाँ तेजस्वी और मोदी की रैलियों ने हवा में प्रचार का रंग भरा, वहीं नीतीश कुमार, योगी और अखिलेश ने सड़कों और कस्बों में उतरकर भीड़ से सीधा संवाद किया।
सोशल मीडिया और तकनीक ने भी निभाई बड़ी भूमिका
इस बार चुनाव प्रचार में डिजिटल कैंपेन की ताकत खुलकर दिखी:
- वर्चुअल रैलियां
- फेसबुक, इंस्टाग्राम, X (Twitter) पर लाइव संदेश
- व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए बूथ स्तर पर प्रचार
- डिजिटल विज्ञापन
- AI जनरेटेड वीडियो और स्लोगन
तकनीक ने नेताओं और मतदाताओं की दूरी काफी कम कर दी।
लोकतंत्र का उत्सव—नेता आसमान में उड़ते रहे, जनता जमीनी स्तर पर जुड़ी रही
चुनावी प्रचार के इस हाईटेक दौर में नेताओं ने जहां हेलीकॉप्टरों के जरिए पूरा बिहार छान दिया, वहीं मतदाता अपने गांव-कस्बों में नेताओं से आमने-सामने मिला।
इस सक्रियता ने बिहार चुनाव 2025 को न सिर्फ राजनीतिक रूप से, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी बेहद जीवंत बना दिया


