पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जहां सियासी दलों के बीच जुबानी जंग तेज़ है, वहीं भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के दो बड़े सितारे — पवन सिंह और खेसारी लाल यादव — भी सुर्खियों में हैं। दोनों ही कलाकार अपनी लोकप्रियता के दम पर राजनीति के मैदान में उतर चुके हैं। अब जनता के बीच यह सवाल चर्चा में है कि आखिर इन दोनों में ज्यादा अमीर कौन है और किस पार्टी के साथ खड़ा है।
पवन सिंह: बीजेपी के स्टार प्रचारक और 41 करोड़ की संपत्ति के मालिक
भोजपुरी सिनेमा के “पावर स्टार” कहे जाने वाले पवन सिंह इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्टार प्रचारक हैं। वे एनडीए उम्मीदवारों के लिए पूरे जोश के साथ प्रचार कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पवन सिंह की कुल संपत्ति करीब 41 करोड़ रुपये आंकी गई है। उनके पास मुंबई के लोखंडवाला में 3 करोड़ रुपये का लग्जरी फ्लैट, आरा में पुश्तैनी घर और जमीन, और दो लग्जरी कारें — मर्सिडीज बेंज GLE 250D और टोयोटा फॉर्च्यूनर हैं।
इसके अलावा, उनके पास लगभग 1.5 करोड़ रुपये की हाई-एंड बाइक भी है। पवन सिंह भोजपुरी फिल्मों के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले कलाकारों में शामिल हैं और एक फिल्म के लिए 50-60 लाख रुपये तक चार्ज करते हैं। वे म्यूजिक एल्बम, स्टेज शो और ब्रांड एंडोर्समेंट से भी करोड़ों रुपये की कमाई करते हैं।
खेसारी लाल यादव: आरजेडी प्रत्याशी और 14 करोड़ की संपत्ति के मालिक
वहीं, भोजपुरी फिल्मों के “ट्रेंडिंग स्टार” खेसारी लाल यादव इस बार राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर छपरा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खेसारी लाल की कुल संपत्ति करीब 14 करोड़ रुपये है। उनके पास मुंबई में 1 करोड़ रुपये का घर, पटना में 50 लाख रुपये की कोठी और छपरा जिले में पुश्तैनी जमीन है।
खेसारी लाल के पास लैंड रोवर (3 करोड़ रुपये) और टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी लग्जरी कारें हैं। वे प्रति फिल्म 40-45 लाख रुपये चार्ज करते हैं और लाइव शो, म्यूजिक वीडियो और सोशल मीडिया प्रमोशन से भी बड़ी कमाई करते हैं।
लोकप्रियता बनाम संपत्ति
अगर लोकप्रियता की बात की जाए तो खेसारी लाल यादव सोशल मीडिया पर काफी आगे हैं। उनके यूट्यूब गानों को करोड़ों व्यूज मिलते हैं और इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स हैं।
वहीं पवन सिंह की लोकप्रियता ज़मीन से जुड़ी है — खासकर ग्रामीण इलाकों और बिहार-पूर्वी यूपी में।संपत्ति और कमाई के मामले में हालांकि पवन सिंह खेसारी लाल से करीब तीन गुना आगे हैं।
राजनीति में कौन भारी?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार,
- पवन सिंह बीजेपी के प्रचारक के रूप में एनडीए की छवि मजबूत करने में मदद कर रहे हैं,
- जबकि खेसारी लाल यादव खुद उम्मीदवार के रूप में जनता से सीधा जुड़ाव बनाए हुए हैं।
खेसारी लाल की छवि एक संघर्षशील और जमीनी कलाकार की रही है, जबकि पवन सिंह का नाम बड़े मंचों और राष्ट्रीय पहचान से जुड़ा है। दोनों के आने से इस बार का चुनाव भोजपुरी सितारों के जलवे से सराबोर है।


