गरीबों, युवाओं और किसानों को साधने की बड़ी कोशिश – ‘सीता रसोई’ बनी केंद्र बिंदु
पटना।बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एनडीए ने आज शुक्रवार को पटना के होटल मौर्या में अपना बहुप्रतीक्षित घोषणापत्र जारी किया।
कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों उपमुख्यमंत्रियों समेत एनडीए के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
यह घोषणापत्र आगामी सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं का ‘विजन डॉक्युमेंट’ माना जा रहा है, जिसमें गरीब, युवा, किसान और उद्यमियों पर विशेष फोकस है।
“सीता रसोई” – 10 रुपए में पौष्टिक भोजन
घोषणापत्र का सबसे चर्चित बिंदु रहा “सीता रसोई”, जिसके तहत हर शहर और ब्लॉक स्तर पर ऐसी रसोइयाँ चलाई जाएंगी जहाँ लोगों को सिर्फ 10 रुपए में भरपेट पौष्टिक भोजन मिलेगा।
एनडीए नेताओं ने कहा कि यह योजना “कोई भूखा न रहे” के संकल्प को साकार करेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार
एनडीए ने वादा किया है कि हर अनुमंडल में कला, वाणिज्य और कानून संकाय के कॉलेज खोले जाएंगे।
इन कॉलेजों में छात्रों को फ्री छात्रावास सुविधा मिलेगी ताकि ग्रामीण छात्र भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।
तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास मिशन को भी गति देने की बात कही गई है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।
हर जिले में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में घोषणापत्र में वादा किया गया है कि हर जिले में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे।
इसके साथ ही गरीब मरीजों को मुफ्त या सस्ती जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
हर विधानसभा क्षेत्र में वेटनरी एंबुलेंस की सुविधा दी जाएगी ताकि पशुपालन करने वालों को राहत मिल सके।
5 वर्षों में 1 करोड़ रोजगार का लक्ष्य
रोजगार को लेकर एनडीए ने बड़ा ऐलान किया है –
आगामी 5 वर्षों में 1 करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य तय किया गया है।
इसके लिए राज्य में आईटी पार्क, इकोनॉमिक जोन और औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर जैसे सेक्टरों में निवेश बढ़ाने की योजना है।
स्थानीय उद्यमियों के लिए विशेष योजना
घोषणापत्र में छोटे और मध्यम उद्यमियों (MSMEs) के लिए भी विशेष पैकेज का ऐलान किया गया है।
सरकार ऐसे उद्यमियों को आसान ऋण सुविधा देगी और पैकेजिंग व डिजाइन यूनिट स्थापित करेगी ताकि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा सके।
साथ ही, सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने का वादा किया गया है।
पर्यटन और हस्तकला को मिलेगा नया मंच
एनडीए ने कहा कि राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों पर विभिन्न स्थानीय व्यंजनों के सरकारी स्टॉल खोले जाएंगे।
इसके अलावा हर जिले और प्रखंड में हस्तकौशल बाजार (Handicraft Bazaar) लगाए जाएंगे ताकि स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन मिल सके।
कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए राहत
घोषणापत्र में नियोजित शिक्षकों और कर्मचारियों की “समान काम के बदले समान वेतन” की मांग को शामिल किया गया है।
साथ ही, अंतरराज्यीय और विदेशों में काम करने वाले बिहार के कामगारों का पंजीकरण कराया जाएगा ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
एनडीए का विजन – समृद्ध और आत्मनिर्भर बिहार
कुल मिलाकर, एनडीए का यह घोषणापत्र “समृद्ध बिहार, आत्मनिर्भर बिहार” के विजन को साकार करने की दिशा में एक व्यापक रोडमैप पेश करता है।
अब देखना यह है कि जनता इस घोषणापत्र को कितना समर्थन देती है और विपक्ष इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है।


