बिहार चुनाव 2025: कुशेश्वरस्थान से VIP प्रत्याशी का नामांकन रद्द, महागठबंधन को तगड़ा झटका

दरभंगा: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की प्रक्रिया के पहले चरण में ही महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है। दरभंगा जिले की कुशेश्वरस्थान विधानसभा सीट से विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रत्याशी गणेश भारती का नामांकन रद्द कर दिया गया है। निर्वाचन पदाधिकारी ने नामांकन जांच के दौरान पाया कि वीआईपी पार्टी के सिंबल पत्र पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के हस्ताक्षर नहीं थे, जिससे नामांकन अस्वीकार्य हो गया।


महागठबंधन में मचा हड़कंप

कुशेश्वरस्थान सीट महागठबंधन में सीट बंटवारे के दौरान काफी खींचतान के बाद वीआईपी पार्टी को दी गई थी। मुकेश सहनी ने गणेश भारती को व्यक्तिगत रूप से सिंबल सौंपा था और उम्मीदवारी का ऐलान किया था। लेकिन नामांकन के तकनीकी पहलुओं में लापरवाही महागठबंधन को भारी पड़ गई। अब इस सीट पर महागठबंधन का कोई उम्मीदवार नहीं है, जिससे मुकाबला सीधे जदयू (एनडीए) और जन सुराज के बीच हो गया है।


बद्री पूर्वे का इस्तीफा और आरोप

इससे पहले वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बद्री पूर्वे ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने मुकेश सहनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा,

“मुकेश सहनी झूठ बोलते हैं। उन्होंने 16 अक्टूबर को मुझसे कहा था कि 17 अक्टूबर को सिंबल देंगे, लेकिन मेरी जगह किसी और को टिकट दे दिया।”
पूर्वे के इस्तीफे और गणेश भारती का नामांकन रद्द होना वीआईपी और महागठबंधन दोनों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।


दरभंगा जिले में 132 वैध नामांकन

दरभंगा जिले की 10 विधानसभा सीटों पर कुल 145 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें से 132 उम्मीदवारों का नामांकन वैध पाया गया, जबकि 13 नामांकन रद्द कर दिए गए।

विधानसभा सीटकुल नामांकनवैध नामांकन
कुशेश्वरस्थान1311
गौड़ाबौराम1514
बेनीपुर1414
अलीनगर1515
दरभंगा ग्रामीण1413
दरभंगा नगर1413
हायाघाट1714
बहादुरपुर1917
केवटी1211
जाले1210

अब किसके बीच मुकाबला?

कुशेश्वरस्थान विधानसभा सीट पर अब सीधा मुकाबला एनडीए समर्थित जदयू के प्रत्याशी अतिरेक कुमार और जन सुराज पार्टी के शत्रुघ्न पासवान के बीच होगा। स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट पर महागठबंधन के सिंबल का न होना वोटर बेस पर बड़ा असर डालेगा, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर मतदाता सिंबल देखकर मतदान करते हैं।


निष्कर्ष

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की शुरुआत से पहले ही महागठबंधन की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। कुशेश्वरस्थान जैसे संवेदनशील सीट पर उम्मीदवार का नामांकन तकनीकी कारणों से रद्द होना एक बड़ी चूक मानी जा रही है, जिसका सीधा फायदा एनडीए और जन सुराज को मिल सकता है।


 

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