सीट शेयरिंग पर मंथन, दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक में शामिल होंगे तेजस्वी यादव

पटना/दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी हलचल अपने चरम पर है। महागठबंधन (Mahagathbandhan) और एनडीए (NDA) दोनों ही खेमों में सीट बंटवारे को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच आज दिल्ली में कांग्रेस की एक अहम बैठक होने जा रही है, जो बिहार की राजनीति के लिहाज से बेहद निर्णायक मानी जा रही है।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी दिल्ली पहुंच चुके हैं और चर्चा है कि वे कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात करेंगे।


बैठक में होगा सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला

कांग्रेस की यह बैठक बिहार चुनाव में महागठबंधन के अंदर सीटों के बंटवारे और रणनीति को लेकर बुलाई गई है। बैठक में प्रदेश प्रभारी भक्तचरण दास, प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। तेजस्वी यादव की मौजूदगी ने इस बैठक को और अहम बना दिया है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस चाहती है कि उसे पिछली बार से अधिक सीटें दी जाएं, जबकि राजद (RJD) इस बार ज्यादा सीटों पर खुद चुनाव लड़ने की इच्छुक है।


मुकेश सहनी के पोस्ट से गरमाई सियासत

इसी बीच वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी के सोशल मीडिया पोस्ट ने नई हलचल मचा दी है। उन्होंने ‘एक्स’ (Twitter) पर लिखा

“14 नवंबर को हम बिहार में ऐसी सरकार बनाएंगे, जहां हर वर्ग को उसका हक और सम्मान मिलेगा।”

दिलचस्प बात यह रही कि उनके पोस्ट में महागठबंधन के किसी भी नेता की तस्वीर नहीं थी, जिससे यह अटकलें तेज हो गईं कि सहनी कहीं गठबंधन से अलग होने की तैयारी तो नहीं कर रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सहनी का यह रुख दबाव की राजनीति का हिस्सा हो सकता है, ताकि उन्हें ज्यादा सीटें मिल सकें।


वाम दलों को लेकर भी असहमति

महागठबंधन के घटक वाम दल — भाकपा (CPI), भाकपा माले (CPI-ML) और भाकपा मार्क्सवादी (CPI-M) — को लेकर भी अंदरूनी बातचीत जारी है। सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेतृत्व इस बार वाम दलों को कम सीटें देने के पक्ष में हैं, जबकि दीपांकर भट्टाचार्य का मानना है कि पिछली बार उनके प्रदर्शन को देखते हुए वाम दलों को पर्याप्त हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।


13 अक्टूबर तक हो सकता है ऐलान

महागठबंधन की योजना है कि 13 अक्टूबर तक सीट शेयरिंग का औपचारिक ऐलान कर दिया जाए, ताकि उम्मीदवारों की सूची और प्रचार अभियान की शुरुआत की जा सके। तेजस्वी यादव का मानना है कि यदि सीट बंटवारे में देरी होती है तो विपक्षी खेमे को रणनीतिक नुकसान हो सकता है। वहीं, एनडीए के अंदर भी बीजेपी और जेडीयू के बीच कुछ सीटों पर असहमति की खबरें हैं, हालांकि बीजेपी का कहना है कि जल्द ही मामला सुलझा लिया जाएगा।


नतीजा तय करेगा बिहार का राजनीतिक भविष्य

आज दिल्ली में होने वाली यह बैठक बिहार के चुनावी समीकरणों को नया मोड़ दे सकती है। यदि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और तेजस्वी यादव के बीच सहमति बनती है, तो महागठबंधन की तस्वीर साफ हो जाएगी। इस बैठक के बाद यह भी तय होगा कि मुकेश सहनी और वाम दल महागठबंधन में बने रहेंगे या नहीं।


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