बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासत में बड़ा धमाका हुआ है। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल (JJD)’ बनाने का ऐलान किया है। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की।
पार्टी का चिह्न और पोस्टर
तेज प्रताप ने पार्टी का पोस्टर भी जारी किया है। इसमें सबसे ऊपर महात्मा गांधी, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, डॉ. लोहिया, जय प्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर की तस्वीरें हैं, लेकिन पोस्टर में लालू प्रसाद यादव की तस्वीर नहीं है।
पार्टी का चुनाव चिह्न ब्लैक बोर्ड छाप होगा। पोस्टर के बैकग्राउंड में ऊपर पीला और नीचे हरा रंग का इस्तेमाल किया गया है।
पार्टी का मूल मंत्र और स्लोगन
तेज प्रताप यादव ने खुद को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया है। उनका स्लोगन है –
“जन-जन की शक्ति, जन-जन का राज, बिहार का विकास करेंगे तेज प्रताप”
पार्टी का मूल मंत्र है – सामाजिक न्याय, सामाजिक हक और संपूर्ण बदलाव। तेज प्रताप ने खासकर युवाओं से पार्टी से जुड़ने की अपील की है।
परिवार और पार्टी से अलगाव
अनुष्का यादव प्रकरण के बाद लालू यादव ने तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद तेज प्रताप कुछ समय के लिए राजनीतिक मंच से दूर रहे। लेकिन हाल के महीनों में उन्होंने बिहार के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का दौरा शुरू किया और ‘टीम तेज प्रताप’ के नाम से एक समूह भी बनाया।
राजद के खिलाफ सीधी चुनौती
नई पार्टी की घोषणा के साथ ही तेज प्रताप यादव ने अब सीधे राजद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा –
“हम बिहार के संपूर्ण विकास के लिए समर्पित हैं। हमारा मकसद है बिहार में संपूर्ण बदलाव कर नई व्यवस्था का निर्माण करना। हम लंबी लड़ाई के लिए तैयार हैं।”
गठबंधन का ऐलान
तेज प्रताप ने अपनी पार्टी बनाने से पहले ही कई छोटे दलों के साथ गठबंधन कर लिया है। इसमें शामिल हैं –
- विकास वंचित इंसान पार्टी (VVIP)
- भोजपुरिया जन मोर्चा (BJM)
- प्रगतिशील जनता पार्टी (PJB)
- वाजिब अधिकार पार्टी (WAP)
- संयुक्त किसान विकास पार्टी
महुआ से लड़ेंगे चुनाव
तेज प्रताप यादव ने ऐलान किया है कि वे महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। वर्तमान में यह सीट राजद विधायक मुकेश रौशन के पास है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि तेज प्रताप अपने पिता की पार्टी को किस तरह चुनौती देते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम तेजस्वी यादव के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।


