पटना | 22 सितंबर 2025आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बिहार पुलिस ने सीमावर्ती जिलों में चौकसी और कड़ी कर दी है। शराब, मादक पदार्थ और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए राज्यभर में 393 चेकपोस्ट बनाए जाएंगे। वहीं, पड़ोसी राज्यों के संवेदनशील इलाकों में भी 176 मिरर चेकपोस्ट तैयार किए जा रहे हैं—यूपी में 96, पश्चिम बंगाल में 34 और झारखंड में 46।
यह जानकारी सोमवार को एडीजी (मद्य निषेध इकाई) अमित कुमार जैन ने पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान दी।
अब तक की कार्रवाई
- 2025 (जनवरी-अगस्त) में जब्त: 6.20 लाख लीटर अवैध शराब
- कुल कीमत: 72 करोड़ 64 लाख रुपये
- पिछले साल की तुलना में 16% अधिक बरामदगी
- 2016 से अब तक: 2.75 करोड़ लीटर शराब बरामद, जिसमें 97% नष्ट
नेपाल से तस्करी पर नजर
नेपाल से हो रही शराब की तस्करी रोकने के लिए बिहार-नेपाल सीमा पर जुलाई तक 188 बैठकें हो चुकी हैं। साथ ही पड़ोसी राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों से भी लगातार तालमेल बढ़ाया जा रहा है।
गिरफ्तारी का आंकड़ा
- 2025 (अगस्त तक): 84,789 आरोपी गिरफ्तार
- 52,470 पीने वाले
- 29,903 आपूर्तिकर्ता/वितरक
- 2,416 वारंटी
- 14,083 आरोपियों का नाम गुंडा पंजी में दर्ज
- 1,548 पर BNSS की धारा-129
- 1,344 पर CCA की धारा-3 के तहत कार्रवाई
राज्य से बाहर भी कार्रवाई
मद्य निषेध इकाई ने शराब तस्करी में शामिल 305 बाहरी आरोपियों को चिन्हित किया है। इनमें से 5 को बिहार पुलिस की टीम ने अन्य राज्यों से गिरफ्तार किया है।
QR कोड और बैच नंबर से ट्रैकिंग
अवैध शराब की पहचान अब QR कोड और बैच नंबर से की जा रही है। इससे शराब के होलसेलर-रिटेलर तक पहुंचकर सीधी कार्रवाई संभव हो रही है।


