
बक्सर, 19 सितंबर।बक्सर एसडीएम कोर्ट गुरुवार को उस समय तनाव का केंद्र बन गया जब अधिवक्ताओं और एसडीएम अविनाश कुमार के बॉडीगार्ड के बीच झड़प और मारपीट हो गई। इस दौरान एसडीएम के साथ दुर्व्यवहार और मोबाइल छीने जाने का आरोप भी सामने आया। घटना धारा 107 के एक मामले की सुनवाई के दौरान हुई।
क्या है मामला?
धारा 107 के एक केस की सुनवाई हो रही थी। आरोपित को जेल भेजने का आदेश दिया गया, जिस पर अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इस धारा में जेल भेजने का कोई प्रावधान नहीं है।
इसी बीच बहस बढ़ी और मामला मारपीट तक जा पहुँचा।
अधिवक्ताओं का पलटवार
वकील संघ के महासचिव बिन्देश्वरी पांडेय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा –
“अधिवक्ताओं ने न तो किसी से मारपीट की और न ही किसी का मोबाइल छीना। एसडीएम नियम-कानून को ताक पर रखकर मनमानी करते हैं और अक्सर वकीलों से दुर्व्यवहार करते हैं। लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं।”
पुलिस का बयान
बक्सर डीएसपी गौरव पाण्डेय ने बताया –
“कोर्ट संचालन के दौरान कुछ वकीलों ने एसडीएम और उनके सुरक्षा गार्ड से दुर्व्यवहार किया और गार्ड का मोबाइल भी ले लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।”
न्यायिक कार्य प्रभावित
हंगामे के बाद पूरे न्यायालय परिसर में सनसनी फैल गई और न्यायिक कार्य प्रभावित हुए।
अधिवक्ताओं ने बुधवार को एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार किया और आरोप लगाया कि एसडीएम आए दिन वकीलों से दुर्व्यवहार करते हैं तथा नियमों का पालन किए बिना फैसले सुनाते हैं।
अब देखना होगा कि पुलिस जांच किस नतीजे पर पहुँचती है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।


