17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक राज्यभर में चलेगा विशेष स्वास्थ्य शिविर, महिलाओं को मिलेगी मुफ्त जांच और परामर्श की सुविधा
पटना, 17 सितंबर।महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यभर में बुधवार से ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 2 अक्तूबर तक चलेगा, जिसमें महिलाओं को मुफ्त स्वास्थ्य जांच, परामर्श और जरूरी इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। शुभारंभ का आयोजन इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस), पटना में किया गया।
महिलाओं के लिए विशेष जांच और परामर्श
इस पखवाड़ा अभियान के तहत जिला अस्पतालों से लेकर सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों तक शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में महिलाओं के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर, स्तन व गर्भाशय ग्रीवा कैंसर, मुंह के कैंसर और एनीमिया की जांच की जाएगी। यक्ष्मा (टीबी) की जांच सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
इसके अलावा प्रसव पूर्व देखभाल, मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड वितरण और बच्चों के लिए टीकाकरण की सुविधा दी जाएगी। महिलाओं और किशोरियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता पर आधारित सत्र भी आयोजित होगा।
विशेषज्ञों की मौजूदगी
शिविरों में स्त्री रोग, नेत्र, ईएनटी, त्वचा, दंत और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। शिविर में ईसीजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी जांच पूरी तरह निशुल्क होगी। जरूरतमंद मरीजों को दवाएं, चश्मे और निःशुल्क शल्य चिकित्सा की सुविधा भी दी जाएगी।
सभी जिलों में लगेगा शिविर
अभियान के तहत 38 जिलों में जिला अस्पतालों के साथ ही 8,481 उप स्वास्थ्य केंद्र (एसएचसी), 1,215 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), 141 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी), 328 शहरी उप स्वास्थ्य केंद्र (यूएसएचसी) और 312 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शिविर लगाया जाएगा।
जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ रोज़ परामर्श देंगे, जबकि अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ कम से कम एक दिन रोगियों को परामर्श देंगे।
डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड भी बनेगा
शिविर में आने वाले सभी लोगों का पंजीकरण आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA एप) पर किया जाएगा। विभाग ने शिविरों के लिए पर्याप्त उपकरण और दवाओं का स्टॉक सुनिश्चित किया है।
विभागों का समन्वित प्रयास
स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ शिक्षा, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण और अन्य विभाग भी इस अभियान में सहयोग करेंगे। सरकार का मानना है कि यह अभियान न सिर्फ महिलाओं की सेहत सुधारने में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” के लक्ष्य को साकार करेगा।


