मरीजों को दवा उपलब्ध कराने में बिहार नंबर वन

11 महीने से लगातार शीर्ष स्थान, स्वास्थ्य मंत्रालय की राष्ट्रीय रैंकिंग में बना दबदबा

पटना, 15 सितंबर 2025।बिहार ने एक बार फिर अपनी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराने के मामले में बिहार लगातार देशभर में नंबर वन बना हुआ है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की एवीडीएमएस केंद्रीय डैशबोर्ड रैंकिंग में अगस्त 2025 तक बिहार शीर्ष स्थान पर है।

राजस्थान और पंजाब को पछाड़ा

रैंकिंग के अनुसार:

  • बिहार – 82.13 अंक (पहला स्थान)
  • राजस्थान – 78.61 अंक (दूसरा स्थान)
  • पंजाब – 73.28 अंक (तीसरा स्थान)

पिछले साल अक्टूबर 2024 में ही बिहार ने 79.34 अंक के साथ राजस्थान को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया था। तब से लेकर लगातार 11 महीने तक यह स्थिति कायम है।

अस्पतालों में आसानी से मिल रही दवाएं

राज्य स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों ने बताया कि सरकार की लगातार कोशिश है कि गंभीर और सामान्य बीमारियों की दवाएं आसानी से हर सरकारी अस्पताल में उपलब्ध हों। मरीजों को इलाज के दौरान अब दवा खरीदने की समस्या से राहत मिली है।

मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में 611 दवाएं उपलब्ध

बिहार स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं की उपलब्धता को व्यवस्थित किया है। वर्तमान में कुल 611 प्रकार की दवाएं मुफ्त दी जा रही हैं। इनमें शामिल हैं:

  • मेडिकल कॉलेज/अस्पताल – ओपीडी में 356 दवाएं, आईपीडी में 255 दवाएं
  • जिला अस्पताल – ओपीडी में 287, आईपीडी में 169 दवाएं
  • अनुमंडलीय अस्पताल – ओपीडी में 212, आईपीडी में 101 दवाएं
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र – ओपीडी में 212, आईपीडी में 97 दवाएं
  • रेफरल अस्पताल – ओपीडी में 203, आईपीडी में 98 दवाएं
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र – ओपीडी में 201, आईपीडी में 93 दवाएं
  • शहरी पीएचसी – ओपीडी में 180 दवाएं
  • अतिरिक्त पीएचसी – ओपीडी में 140, आईपीडी में 53 दवाएं
  • हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर – 151 दवाएं
  • स्वास्थ्य उपकेंद्र – 97 दवाएं

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का परिणाम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि राज्य सरकार के उन प्रयासों का परिणाम है, जिनके तहत स्वास्थ्य संरचना को मजबूत करने, दवा आपूर्ति को डिजिटल प्लेटफॉर्म से मॉनिटर करने और जनता को सहज व मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।


 

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