पिछली बार 7 जिलों में उम्मीदवार नहीं उतारने से कार्यकर्ताओं में थी मायूसी
पटना, 12 सितंबर: आगामी विधानसभा चुनाव 2025 को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने बिहार में अपनी संगठनात्मक जमीन मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी की रणनीति है कि इस बार राज्य के हर जिले में कम-से-कम एक सीट पर उम्मीदवार उतारा जाए।
पिछली बार 7 जिलों में नहीं उतारे थे उम्मीदवार
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सारण, शिवहर, मुंगेर, भोजपुर, कैमूर, अरवल और जहानाबाद जैसे सात जिलों में एक भी प्रत्याशी नहीं उतारा था। इसका असर यह हुआ कि इन जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह काफी कम हो गया था।
कार्यकर्ताओं की नाराज़गी पहुंची आलाकमान तक
पार्टी स्तर पर कराए गए सर्वे में भी कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया। हाल ही में दिल्ली में हुई दो दिवसीय बैठक में बिहार के नेताओं ने आलाकमान के सामने यह मांग रखी कि सीट शेयरिंग के दौरान हरेक जिले में कांग्रेस को मौका मिले।
रणनीति का उद्देश्य
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यदि हर जिले में पार्टी का उम्मीदवार मैदान में होगा तो वहां के कार्यकर्ताओं की सक्रियता बनी रहेगी। इससे पार्टी को जमीनी स्तर पर फायदा मिलेगा और आगामी चुनावों में बेहतर परिणाम की उम्मीद की जा सकती है।


