बिहार में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान – सेविकाओं को ₹9,000 और सहायिकाओं को ₹4,500 मासिक मानदेय मिलेगा, 1.20 लाख कार्यकर्ता होंगे लाभान्वित

पटना, 09 सितंबर।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया। अब राज्य की आंगनबाड़ी सेविकाओं को हर महीने ₹9,000 और सहायिकाओं को ₹4,500 मानदेय मिलेगा। पहले सेविकाओं को ₹7,000 और सहायिकाओं को ₹4,000 मिल रहा था।

आंगनबाड़ी सेविकाओं की अहम भूमिका को मान्यता

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि “आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं बच्चों, किशोरियों और गर्भवती व धात्री महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनकी इसी अहम जिम्मेदारी को देखते हुए मानदेय बढ़ाने का फैसला लिया गया है।”

आईसीडीएस के तहत काम करती हैं सेविकाएं

आंगनबाड़ी केंद्र एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) योजना के तहत संचालित होते हैं। इसका संचालन समाज कल्याण विभाग करता है। योजना का मकसद 0-6 वर्ष के बच्चों, किशोरियों और गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण मापन, सप्लीमेंट वितरण, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और रिकॉर्ड रखने जैसी कई अहम जिम्मेदारियां निभाती हैं।

1.20 लाख कार्यकर्ताओं को मिलेगा लाभ

पूरे राज्य में लगभग 1.20 लाख आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका कार्यरत हैं। मानदेय बढ़ने से सीधे इन्हें लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से उनके मनोबल में बढ़ोतरी होगी और आईसीडीएस की कार्यप्रणाली और मजबूत होगी।

हाल के दिनों में कई मानदेय बढ़ाए गए

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही राज्य में महिलाओं और बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य सुधार के लिए बड़े पैमाने पर काम किया गया है। इसी क्रम में पिछले एक महीने में ही सरकार ने आशा कार्यकर्ता, ममता कार्यकर्ता, मध्याह्न भोजन के रसोइए, विद्यालयों में चौकीदार, शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य प्रशिक्षक आदि का मानदेय बढ़ाने का भी निर्णय लिया है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना भी लागू की गई है, जिसके तहत प्रत्येक परिवार की एक महिला को ₹10,000 व्यवसाय शुरू करने के लिए दिए जाएंगे और बेहतर प्रदर्शन पर ₹2 लाख तक की अनुदान राशि भी दी जाएगी।


 

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