
पटना।सिपाही बहाली 2023 परीक्षा पेपर लीक कांड में अब नई परतें खुल रही हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में सामने आया है कि कांड के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया की मदद से पेपर लीक कराने से पहले अभ्यर्थियों से पैसे इकट्ठा करने की जिम्मेदारी अरवल के इनामी अपराधी राजकिशोर ने संभाल रखी थी।
कोचिंग संचालकों से मिलीभगत
राजकिशोर की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई कोचिंग संचालकों की भूमिका सामने आयी है। EOU अधिकारियों के अनुसार राजकिशोर ने पटना के पत्रकार नगर स्थित मुकेश सर और चंदन सर की मदद से अभ्यर्थियों से करोड़ों रुपये वसूले थे।
पुराना रिकॉर्ड भी संदिग्ध
खास बात यह है कि इन दोनों संचालकों का नाम नीट 2017 पेपर लीक मामले में भी सामने आया था। इसमें मुकेश सर की गिरफ्तारी भी हुई थी। अब EOU ने इस पुराने केस को भी टेकओवर कर लिया है।
दो टीमों में होता था खेल
जांच में खुलासा हुआ है कि पेपर लीक रैकेट दो टीमों में बंटा होता था।
- पहली टीम अभ्यर्थियों को तलाशती और उनसे पैसे वसूलती।
- दूसरी टीम प्रश्न पत्र लीक कराने के लिए लाइजनिंग करती।
सिपाही बहाली मामले में प्रश्न पत्र लीक कराने की जिम्मेदारी संजीव मुखिया ने उठाई थी, जबकि राजकिशोर और उसके सहयोगी अभ्यर्थियों से रकम वसूलने का काम कर रहे थे।
करोड़ों का मनी ट्रेल
राजकिशोर के बैंक खातों की जांच में EOU को करोड़ों रुपये के लेनदेन के सबूत मिले हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि इस पूरे रैकेट में बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हुआ है।


