शिक्षा, रोज़गार और एकता पर ज़ोर, समाज को राजनीतिक रूप से भी सशक्त होने का आह्वान
पूर्णिया जिले के भवानीपुर प्रखंड के लाठी पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय प्रांगण में गंगोत्री समाज का भव्य एकदिवसीय सम्मेलन आयोजित हुआ। गंगोत्री जागरण मंच के बैनर तले हुए इस ऐतिहासिक आयोजन में पूर्णिया सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में समाज के लोग और विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज को शिक्षा और रोजगार के प्रति जागरूक करना, युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना और अपने अधिकार की लड़ाई को एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लेना रहा।
ऋषि-मुनि जान्हवी जी के योगदान पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान समाज से जुड़े महान ऋषि-मुनि जान्हवी जी के जीवन और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों में उनका नाम आज भी गर्व से लिया जाता है और यह पूरे गंगोत्री समाज के लिए गौरव की बात है।
राष्ट्रीय अध्यक्षा अर्पणा कुमारी की अनुपस्थिति, लेकिन मजबूत प्रेरणा
हालांकि गंगोत्री जागरण मंच की राष्ट्रीय अध्यक्षा सुश्री अर्पणा कुमारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकीं, लेकिन वक्ताओं ने कहा कि उनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन संगठन के हर कार्य में मौजूद रहता है। संगठन के संस्थापक डॉ. प्रमोद कुमार मंडल ने उनके नेतृत्व को समाज की प्रगति का मूल स्रोत बताया और कार्यक्रम की सफलता को उनके नाम समर्पित किया।
पूर्व मंत्री बीमा भारती का संबोधन
सम्मेलन में पूर्व मंत्री एवं रुपौली की पूर्व विधायक बीमा भारती ने कहा—
“गंगोत्री समाज को शिक्षा और राजनीति दोनों में अपनी ताकत दिखानी होगी। आगामी विधानसभा चुनाव में हमें उन्हीं प्रतिनिधियों को चुनना है जो हमारे सुख-दुख में हमारे साथ खड़े हों।”
इस अवसर पर उनकी सुपुत्री व भवानीपुर-07 की जिला परिषद रानी भारती, पटना की मुखिया पिंकी जी, खगड़िया से अशोक मंडल, पूर्व मुखिया अर्जुन मंडल, शांति नगर से प्रो. अर्जुन मंडल, जागेश्वर मंडल, भागलपुर से राजकुमार मंडल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सम्मेलन बना नई दिशा का प्रतीक
कार्यक्रम की अध्यक्षता लाठी पंचायत के पूर्व मुखिया परमानंद मंडल ने की। उन्होंने कहा—
“यह सम्मेलन गंगोत्री समाज की नई दिशा और नए संकल्प का प्रतीक है। हमें शिक्षा, रोजगार और राजनीति हर क्षेत्र में मजबूती से अपनी भागीदारी निभानी होगी।”
पूरा दिन चले इस सम्मेलन में समाज को सुदृढ़ करने, राजनीतिक विमर्श करने और एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। भवानीपुर की धरती पर हुआ यह आयोजन गंगोत्री समाज के लिए एकता, जागरूकता और सशक्तिकरण का नया अध्याय साबित हुआ।


