कैबिनेट ने 7 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की दी मंजूरी, कुल संख्या बढ़कर होगी 42
पटना, 5 सितंबर।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार सरकार अब अपने बड़े वादे को पूरा करने की ओर बढ़ रही है। राज्य कैबिनेट ने हाल ही में 7 नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की मंजूरी दी है। इन नए कॉलेजों के शुरू होने के बाद बिहार में हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज का सपना पूरा हो जाएगा।
किन जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज
सरकार द्वारा स्वीकृत नए मेडिकल कॉलेज इन जिलों में स्थापित होंगे –
- किशनगंज
- कटिहार
- रोहतास
- शिवहर
- लखीसराय
- अरवल
- शेखपुरा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि उनकी सरकार की योजना हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की है। स्वतंत्रता दिवस के भाषण में भी उन्होंने इस संकल्प को दोहराया था।
बिहार में मेडिकल कॉलेजों की वर्तमान स्थिति
- वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज (राज्य सरकार के 12 और केंद्र सरकार के 3) संचालित हैं।
- इनमें PMCH, NMCH, IGIMS, ESIC (बिहटा), AIIMS (पटना), DMCH (दरभंगा), JLNMCH (भागलपुर), SKMCH (मुजफ्फरपुर), ANMMCH (गया), GMC (बेतिया), GMC (पूर्णिया), GMC (समस्तीपुर), GMC (छपरा), Jannayak Karpuri Thakur Medical College (मधेपुरा), Bhagwan Mahavir Institute of Medical Sciences (नालंदा) शामिल हैं।
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बिहार के विभिन्न जिलों में 20 मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। प्रमुख जिलों में – जमुई, बक्सर, सिवान, आरा, वैशाली, बेगूसराय, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल, मुंगेर और AIIMS दरभंगा शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2024 में दरभंगा में दूसरे AIIMS का शिलान्यास किया था।
2005 से अब तक मेडिकल शिक्षा का विस्तार
- 2005 में जब नीतीश कुमार ने सत्ता संभाली थी, तब राज्य में सिर्फ 6 मेडिकल कॉलेज थे।
- वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 15 हो चुकी है।
- निर्माणाधीन कॉलेजों और हाल ही में स्वीकृत 7 नए कॉलेजों के साथ, कुल संख्या बढ़कर 42 हो जाएगी।
- साथ ही राज्य में 9 निजी मेडिकल कॉलेज भी संचालित हैं।
बड़े अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट्स
- PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल) का विस्तार एक 5462 बेड अस्पताल के रूप में किया जा रहा है। इस पर ₹5540 करोड़ खर्च होंगे।
- मई 2025 में सीएम नीतीश कुमार ने 1117 बेड की नई ट्विन टावर्स बिल्डिंग का उद्घाटन किया।
- 2027 तक पूरा प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है।
- IGIMS पटना को 3000 बेड की क्षमता वाला संस्थान बनाया जा रहा है।
- राज्य के अन्य 5 पुराने मेडिकल कॉलेजों को भी 2500 बेड अस्पताल में अपग्रेड किया जाएगा।
क्या बदलेगा?
इन नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के संचालन में आने से –
- बिहार में स्वास्थ्य सेवाएँ और मेडिकल शिक्षा का स्तर काफी सुधरेगा।
- लोगों को अपने जिले में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी।
- मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
- ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में स्वास्थ्य का बुनियादी ढाँचा मजबूत होगा।


