सौ की आबादी वाले ग्रामीण टोलों तक भी पहुंची पक्की सड़कों की रफ्तार

PMGYSY और MMGSY के तहत छोटे-छोटे टोले भी हुए बारहमासी संपर्क से जुड़ाव | अब तक 1,18,005 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण

पटना, 30 अगस्त।बिहार में अब सौ लोगों की आबादी वाले छोटे-छोटे टोले और बसावटें भी पक्की सड़कों से जुड़ रही हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGYSY) और मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना (MMGSY) के तहत सरकार ने छूटे हुए गांवों तक बारहमासी सड़कें पहुंचाकर ग्रामीण विकास को नई रफ्तार दी है।

ग्रामीण कार्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 11,020 टोलों का सर्वे कर 14,002.33 किमी लंबाई की सड़कों का लक्ष्य तय किया गया। इसमें से 5033 बसावटों और टोलों को प्रशासनिक स्वीकृति मिली, जिनमें से 1344 टोल पहले ही पक्की सड़कों से जुड़ चुके हैं। कुल 1486.71 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण हो चुका है

बिहार बना देश का पहला राज्य

बिहार सरकार ने वर्ष 2005-06 में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू कर 500 से कम आबादी वाले गांवों तक भी सड़कें पहुंचाने का काम शुरू किया था। यही नहीं, उग्रवाद प्रभावित जिलों में 250 से अधिक आबादी वाले गांवों को भी इस योजना में शामिल किया गया।
बाद में “हर घर तक पक्की गली और नाली योजना” तथा “ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना” के तहत 100 से 249 आबादी वाले टोलों तक भी सड़क संपर्क पहुंचा।

अब तक का आंकड़ा

  • PMGYSY से : 56,640 बसावटों को जोड़ते हुए 53,575 किमी सड़क का निर्माण
  • CMGSY, टोला संपर्क निश्चय योजना व अन्य से : 62,728 बसावटों को जोड़ते हुए 64,430 किमी सड़क का निर्माण
    ➡️ कुल मिलाकर 1,19,368 बसावटों तक संपर्कता और 1,18,005 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण

वर्ष 2023 की नई पहल

“मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना (अवशेष)” के तहत 100 आबादी वाले टोलों को जोड़ने की शुरुआत की गई। 13,814 बसावटों में 16,652 किमी सड़कें अनजुटी पाई गई थीं, जिनमें से 1344 बसावटें अब पक्की सड़कों से जुड़ चुकी हैं

किन जिलों को सबसे ज़्यादा फायदा मिला?

  • कैमूर – 147 बसावटें, 128.59 किमी
  • औरंगाबाद – 137 बसावटें, 139.59 किमी
  • पूर्वी चंपारण – 121 बसावटें, 196.72 किमी
  • गया – 69 बसावटें, 96.97 किमी
  • बांका – 83 बसावटें, 95.76 किमी
  • रोहतास – 68 बसावटें, 50.97 किमी
  • जमुई – 54 बसावटें, 72.75 किमी

 

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