नए कानून का पुलिस कर्मियों को पढ़ाया जा रहा पाठ

  • सीआईडी के एटीएस में हर महीने औसतन 350 कर्मियों को मिल रहा प्रशिक्षण
  • पिछले तीन वर्षों में 3137 पुलिस पदाधिकारी हो चुके प्रशिक्षित

पटना, 28 अगस्त।देश में अंग्रेजों के जमाने के आपराधिक कानूनों को बदलते हुए 2023 में नया भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) लागू किया गया। इसमें कानून और न्याय व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों की जानकारी हर स्तर के पुलिसकर्मियों—दारोगा से लेकर डीएसपी और उससे ऊपर तक—को देना अनिवार्य कर दिया गया है।

इसी उद्देश्य से पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए सीआईडी का एडवांस ट्रेनिंग स्कूल (एटीएस) केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। यहां हर महीने औसतन 350 यानी राज्य के हर जिले से करीब 8 पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। अब तक तीन वर्षों में 3137 पुलिस पदाधिकारी प्रशिक्षित हो चुके हैं।

आगामी प्रशिक्षण बैच

2 सितंबर से एटीएस का 173वां बैच शुरू होने जा रहा है। इससे पहले 171वां बैच 8 से 21 जुलाई तक चला, जिसमें 343 दारोगा को प्रशिक्षण मिला था। इसके बाद 172वां बैच पूरा हुआ और अब 173वां बैच प्रशिक्षित होगा।

किन विषयों पर दिया जा रहा प्रशिक्षण

पुलिस पदाधिकारियों को 15 दिन की ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें शामिल हैं:

  • नए विधिक ज्ञान और बीएनएसएस 2023 की धाराएँ
  • डिजिटल फॉरेंसिक, सीसीटीवी विश्लेषण, मोबाइल डेटा ट्रैकिंग
  • डीएनए, फिंगरप्रिंट, क्राइम सीन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी
  • ई-साक्ष्य और सीसीटीएनएस
  • एफआईआर, जीरो एफआईआर, गवाह बयान, कबूलनामा, गिरफ्तारी की प्रक्रिया
  • मानव शरीर और संपत्ति संबंधी अपराधों की अनुसंधान प्रक्रिया
  • अपराध से अर्जित संपत्ति की जब्ती (धारा-107) और बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम

प्रतिष्ठित संस्थानों में भी प्रशिक्षण

पुलिस पदाधिकारियों को दिल्ली स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, एनसीआरबी, चंडीगढ़ स्थित सीडीटीआई, हैदराबाद की नार्थ ईस्ट पुलिस एकेडमी और मेघालय की यूएमएसएडब्ल्यू जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। आने वाले समय में 2000 पुलिसकर्मियों को इन संस्थानों से प्रशिक्षित करने की योजना है।

एटीएस की स्थापना और महत्व

एटीएस की स्थापना 1945 में हुई थी। शुरुआत में यहां नेपाल, भूटान, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के अधिकारी भी प्रशिक्षण लेने आते थे। बीच के कुछ वर्षों को छोड़कर यह सिलसिला आज भी जारी है।

वरिष्ठ अधिकारी का बयान

पारसनाथ (एडीजी-सीआईडी, बिहार पुलिस) ने कहा,
“पुलिसकर्मियों को नए कानून समेत तमाम मूलभूत बातों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए समुचित ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया गया है। अगले वर्ष तक 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों को सक्षम और सशक्त बनाने का लक्ष्य है ताकि पुलिसिंग और अधिक प्रभावी हो सके।”


 

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