राजस्व महा-अभियान : हड़ताल के बीच सरकार ने की वैकल्पिक व्यवस्था

11,549 सीएससी कर्मी होंगे तैनात | सर्वे कर्मियों का क्रमिक निलंबन शुरू

पटना, 26 अगस्त।राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि संबंधी मामलों में आम रैयतों को त्वरित राहत दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विशेष सर्वेक्षण अमीनों की हड़ताल के बीच सरकार ने अब कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को जिम्मेदारी सौंपी है। मंगलवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।

अब सीएससी देगा सहयोग

राज्य के 38 जिलों के 8481 हलका में कुल 11,549 सीएससी कर्मियों की सेवा ली जाएगी। इनमें 10,936 कंप्यूटर ऑपरेटर, 537 अंचल स्तर पर्यवेक्षक और 76 जिला स्तर पर्यवेक्षक शामिल रहेंगे। ये कर्मी महा-अभियान शिविरों में नागरिकों के आवेदन की तुरंत एंट्री करेंगे।

हड़ताल पर गये कर्मियों का निलंबन

विभाग ने हड़ताल पर गये संविदा सर्वेक्षण कर्मियों के खिलाफ क्रमिक निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौरतलब है कि 16 अगस्त से 20 सितंबर तक चल रहे इस अभियान का उद्देश्य डिजिटाइज्ड जमाबंदी की त्रुटियों को सुधारना, छूटी जमाबंदियों को ऑनलाइन करना और नामांतरण कार्यों का निपटारा करना है। हड़ताल की वजह से कर्मियों की कमी हो गई थी।

42% जमाबंदी वितरण पूरा

विभाग के अनुसार अबतक कुल जमाबंदी पंजियों का 42 फीसदी वितरण पूरा हो चुका है। सरकार को उम्मीद है कि सीएससी कर्मियों की नियुक्ति से अभियान को और गति मिलेगी और शिविरों में आने वाले रैयतों को त्वरित समाधान मिल सकेगा।

पहले से सक्रिय सीएससी

सीएससी राज्य में पहले से ही जमाबंदी देखना, लगान भुगतान, दाखिल-खारिज, भू-मापी और परिमार्जन जैसी कई ऑनलाइन सेवाएं दे रहा है। अब इसके वीएलई (Village Level Entrepreneur) भी पंचायत स्तर तक शिविरों में सक्रिय रहेंगे।


 

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