हड़ताल भड़काने और राजस्व महा–अभियान में बाधा डालने का आरोप
पटना, 25 अगस्त।राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए 110 संविदा कर्मियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। इन बर्खास्त कर्मियों में विशेष सर्वेक्षण अमीन, कानूनगो, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी और लिपिक शामिल हैं।
हड़ताल भड़काने का आरोप
विभाग ने स्पष्ट किया कि इन कर्मियों ने अनुचित मांगों को लेकर हड़ताल का रास्ता अपनाया, जिससे विभागीय कार्य बाधित हुआ। बताया गया कि कुछ ने संघ के बैनर तले आंदोलन का आह्वान किया, जबकि कई लोग अचानक कर्तव्य से अनुपस्थित हो गए।
संघ के अध्यक्ष और सचिव पर भी गिरी गाज
बर्खास्त किए गए कर्मियों में संघ की अध्यक्ष रौशन आरा और सचिव विभूति कुमार के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। आदेश में उल्लेख है कि रौशन आरा ने 16 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया, जबकि विभूति कुमार उसी दिन से अपने दायित्वों से अलग हो गए।
संविदा नियमावली का उल्लंघन
भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की निदेशक जे. प्रियदर्शिनी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी संविदा कर्मियों की नियुक्ति संविदा नियमावली 2019 एवं संशोधित नियमावली 2022 के तहत हुई थी। इन नियमों के मुताबिक सेवा किसी भी परिस्थिति में नियमित नियुक्ति में परिवर्तित नहीं होगी।
इसके बावजूद पदनाम बदलने, नियमितीकरण और समतुल्य वेतनमान जैसी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाना संविदा शर्तों का सीधा उल्लंघन माना गया है।
जनता को प्रभावित करने वाला कदम
विभाग ने माना कि इस हड़ताल से राजस्व महा–अभियान की गति प्रभावित हुई। इस अभियान के तहत जमाबंदी त्रुटि सुधार, ऑफलाइन जमाबंदी को ऑनलाइन करना, बंटवारा नामांतरण और उत्तराधिकार नामांतरण जैसी सुविधाएं आम जनता को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
किन–किन पर गिरी गाज
विभाग की कार्रवाई के तहत बर्खास्त किए गए 110 कर्मियों में —
- विशेष सर्वेक्षण अमीन – 60
- विशेष सर्वेक्षण कानूनगो – 16
- विशेष सर्वेक्षण लिपिक – 20
- विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी – 14
शामिल हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि कार्य से अनुपस्थित अन्य कर्मियों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी।


