बरारीपुर मास्कन मध्य विद्यालय: जर्जर भवन और संसाधनों की कमी से जूझते बच्चे

भागलपुर। नाथनगर प्रखंड के बरारीपुर मास्कन मध्य विद्यालय की हालत इन दिनों बेहद चिंताजनक है। विद्यालय का भवन जर्जर हो चुका है और किसी भी वक्त इसके ढहने का खतरा बना हुआ है। छत से लगातार पानी टपकता है, दीवारों में गहरी दरारें और सीलन पड़ चुकी है, कई जगह मलवा टूटकर गिर रहा है। कमरों की स्थिति भूतिया हवेली जैसी प्रतीत हो रही है।

विद्युत व्यवस्था भी अधूरी है। पंखे और लाइट चोरी हो जाते हैं, तार तक उखाड़ लिए जाते हैं। इस कारण विद्यालय में प्रकाश और पंखों की उचित व्यवस्था नहीं हो पाती।

खिड़की-दरवाजे नहीं, परिसर नशाखोरों का अड्डा

विद्यालय में खिड़की और दरवाजे नहीं बचे हैं। बाउंड्री वॉल पार करके असामाजिक तत्व और नशाखोर स्कूल परिसर में घुस आते हैं। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

शिक्षक संकट और पढ़ाई पर असर

विद्यालय में कुल 141 बच्चों का नामांकन है, जिसमें औसतन 100 से अधिक विद्यार्थी नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं। इसके बावजूद यहाँ केवल तीन शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमें से एक महिला शिक्षिका निलंबित है। प्रधानाध्यापक प्रीतम कुमार चुनाव आयोग के कार्य में व्यस्त हैं, नतीजतन पूरे विद्यालय का भार एकमात्र शिक्षक अभिषेक कुमार पर आ चुका है।

अभिषेक कुमार ने बताया कि जर्जर कमरों में बच्चों को पढ़ाना जोखिम भरा है। मजबूरी में बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जाता है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।

मरम्मत और अतिरिक्त शिक्षकों की मांग

विद्यालय भवन की मरम्मत और शिक्षक नियुक्ति के लिए कई बार जिला शिक्षा पदाधिकारी और बीआरसी कार्यालय को आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पहले यह विद्यालय कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाई करवाता था, लेकिन पास में गुरुकुल हाई स्कूल खुलने के बाद इसे महज प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5) तक सीमित कर दिया गया।

जर्जर भवन, शिक्षकों की कमी और सुरक्षा संकट के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षक अभिषेक कुमार ने अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द भवन की मरम्मत और अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।


 

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