भारत बनेगा ई-स्पोर्ट्स और सामाजिक गेमिंग का वैश्विक केंद्र, मनी गेमिंग होगी बैन

सरकार लाई Promotion and Regulation of Online Gaming Bill, 2025

ई-स्पोर्ट्स और सामाजिक गेमिंग को बढ़ावा, ऑनलाइन मनी गेमिंग पर पूर्ण प्रतिबंध

नई दिल्ली।डिजिटल इंडिया के बढ़ते प्रभाव और बदलते जोखिमों के बीच सरकार ने Promotion and Regulation of Online Gaming Bill, 2025 पेश किया है। इस विधेयक का उद्देश्य एक ओर युवाओं को ई-स्पोर्ट्स और सामाजिक-शैक्षिक ऑनलाइन गेमिंग के लिए प्रोत्साहित करना है, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन मनी गेमिंग (जैसे सट्टा, जुआ, ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स, पोकर, रमी, लॉटरी आदि) पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है।

सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीकों ने बीते एक दशक में आम जनजीवन को नई दिशा दी है, लेकिन इसके साथ वित्तीय हानि, लत, मानसिक दबाव और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे खतरे भी तेजी से उभर रहे हैं। इन्हीं जोखिमों को रोकने और सकारात्मक डिजिटल उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए यह कानून लाया गया है।


विधेयक की प्रमुख प्रावधान

1. ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा

  • ई-स्पोर्ट्स को आधिकारिक रूप से प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में मान्यता।
  • खेल मंत्रालय ई-स्पोर्ट्स के लिए दिशा-निर्देश, मानक और प्रशिक्षण संस्थान विकसित करेगा।
  • अनुसंधान, टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म और प्रोत्साहन योजनाओं का निर्माण।

2. सामाजिक और शैक्षिक खेलों का प्रोत्साहन

  • केंद्र सरकार ऐसे खेलों को पहचानने, पंजीकृत करने और बढ़ावा देने के लिए अधिकृत।
  • सुरक्षित और आयु-उपयुक्त गेमिंग प्लेटफॉर्म को प्रोत्साहन।
  • भारतीय संस्कृति, शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े गेमिंग कंटेंट को बढ़ावा।

3. ऑनलाइन मनी गेमिंग पर प्रतिबंध

  • किसी भी प्रकार के पैसे वाले ऑनलाइन गेम (कौशल-आधारित या संयोग-आधारित) पर पूर्ण रोक।
  • ऐसे खेलों के विज्ञापन, प्रचार और लेन-देन पर भी पाबंदी।
  • बैंक और पेमेंट गेटवे को ऐसे लेन-देन की अनुमति नहीं होगी।
  • IT Act, 2000 के तहत अवैध प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने की शक्ति।

4. ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी

  • राष्ट्रीय स्तर पर Online Gaming Authority की स्थापना।
  • जिम्मेदारियां: गेम्स का पंजीकरण, श्रेणी निर्धारण, शिकायतों का निपटारा और दिशा-निर्देश जारी करना।

5. दंड और दायित्व

  • अवैध गेमिंग चलाने पर अधिकतम 3 वर्ष की सजा और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना।
  • विज्ञापन करने पर 2 वर्ष की सजा और 50 लाख रुपये तक जुर्माना।
  • वित्तीय लेन-देन करने पर अधिकतम 3 वर्ष की सजा और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना।
  • बार-बार अपराध करने पर सजा और जुर्माना दोगुना होगा।
  • कंपनियों और उनके अधिकारियों पर भी कानूनी जिम्मेदारी तय।

सरकार का तर्क

सरकार का कहना है कि कई Real Money Gaming Apps युवाओं को धोखे से आसान पैसे का लालच देकर उन्हें लत का शिकार बनाते हैं। इससे न केवल व्यक्तिगत स्तर पर वित्तीय और मानसिक नुकसान होता है, बल्कि परिवार भी संकट में पड़ जाते हैं। कई मामलों में आत्महत्या तक की नौबत आती है।

इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अक्सर मनी लॉन्ड्रिंग, वित्तीय धोखाधड़ी और आतंकी फंडिंग जैसे मामलों में भी किया जाता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।


सकारात्मक असर

  • क्रिएटिव इकोनॉमी को बढ़ावा – भारत को गेमिंग निर्यात और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने में मदद।
  • युवाओं को प्रोत्साहन – ई-स्पोर्ट्स और स्किल-आधारित डिजिटल गेम्स से नए अवसर।
  • सुरक्षित डिजिटल वातावरण – परिवारों को हानिकारक गेमिंग प्रथाओं से बचाव।
  • वैश्विक नेतृत्व – भारत को जिम्मेदार गेमिंग और डिजिटल नीति-निर्माण में अग्रणी बनाना।

इस विधेयक को सरकार ने नवाचार और सामाजिक सुरक्षा के संतुलन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। सरकार का दावा है कि यह कानून डिजिटल इंडिया को सुरक्षित, नवाचार-प्रधान और भविष्य की चुनौतियों के अनुकूल बनाएगा।


 

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