पटना, 14 अगस्त —बिहार के ग्रामीण विकास की नई पहचान बनने वाली 10 पंचायतों के मुखिया इस बार दिल्ली के लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
केंद्र सरकार ने इन पंचायतों का चयन स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन, जनहित कार्यों और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया है।
कौन-कौन जा रहे हैं लाल किला
इनमें शामिल हैं —
- सुमन नाथ ठाकुर — जजुआर मध्य पंचायत, मुजफ्फरपुर
- कुमारी तृप्ति — पारथु पंचायत, नालंदा
- निभा कुमारी — पनहाड़ा पंचायत, जहानाबाद
- प्रेमा देवी — मोतीपुर पंचायत, समस्तीपुर
- रवि कुमार — कुरकुरी पंचायत, पटना
- वीरेंद्र कुमार सिंह — टुम्बा पंचायत, रोहतास
- मंजु देवी — खुरहान पंचायत, मधेपुरा
- कांति देवी — कोरन सराय पंचायत, बक्सर
- रामजी शर्मा — संडा पंचायत, गया
- पूजा कुमारी — गरारी पंचायत, गया
उल्लेखनीय कार्य और उपलब्धियां
इन पंचायतों ने गांव-गांव में स्वच्छता मिशन को गति देने, बायोगैस प्लांट के उपयोग, वर्षा जल संचयन, जैविक कचरे से खाद निर्माण, और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
साथ ही, हर घर जल, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मिशन इंद्रधनुष जैसी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू कर स्थानीय स्तर पर विकास के नए मानक स्थापित किए हैं।
विशेष बात यह है कि कई पंचायतों में महिला मुखियाओं ने नेतृत्व संभालकर सामाजिक बदलाव की नई मिसाल कायम की है। उनके प्रयासों से न सिर्फ बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी और समावेशी विकास को भी बढ़ावा मिला है।
बिहार के लिए गर्व का पल
राजधानी पटना से दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले चयनित मुखियाओं ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे बिहार के ग्रामीण समुदाय के लिए गर्व की बात है।
15 अगस्त को लाल किले पर इन पंचायत नेताओं की मौजूदगी यह साबित करेगी कि गांव का नेतृत्व भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रहा है।


