बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तेज़ी से राहत कार्य: भागलपुर में 141 सामुदायिक किचन चालू, 3 लाख से अधिक लोगों को भोजन

भागलपुर, 11 अगस्त 2025 —भागलपुर जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य को और तेज़ कर दिया है। जिले के 6 प्रखंडनारायणपुर, रंगरा चौक, सुल्तानगंज, शाहकुंड, नाथनगर और सबौर — पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में हैं। इसके अलावा जगदीशपुर, कहलगांव और पीरपैंती में भी बाढ़ का आंशिक असर देखा जा रहा है।

141 सामुदायिक किचन संचालित

जिले में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 141 सामुदायिक किचन चलाए जा रहे हैं, जिनका वितरण इस प्रकार है—

  • नाथनगर – 38
  • सुल्तानगंज – 34
  • सबौर – 25
  • शाहकुंड – 20
  • रंगरा चौक – 6
  • इस्माइलपुर – 6
  • जगदीशपुर – 2
  • कहलगांव – 2
  • पीरपैंती – 2

इन किचनों में 11 अगस्त को सुबह 94,324 और शाम 1,30,328 लोगों को भोजन कराया गया। अब तक कुल 3,13,618 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।


राहत और बचाव कार्य

  • 69 नावों का संचालन प्रभावित क्षेत्रों में किया जा रहा है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है।
  • अब तक 8,252 लोगों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से निकाला जा चुका है।
  • 6,325 परिवारों को पॉलिथीन शीट वितरित की गई है, ताकि अस्थायी आश्रय बनाया जा सके।

टीमों की तैनाती

बचाव कार्यों में एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) की कुल 9 टीमें लगाई गई हैं—

  • एनडीआरएफ – 4 टीमें (नवगछिया में 2, सबौर में 1, कहलगांव में 1)
  • एसडीआरएफ – 5 टीमें (सुल्तानगंज में 2, नाथनगर में 2, शाहकुंड में 1)

शिविरों में व्यवस्थाएं

सभी राहत शिविरों में निम्न सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं—

  • अस्थायी शौचालय
  • चिकित्सा शिविर
  • स्वच्छ पेयजल टैंकर और चापाकल
  • पशु चारा और पशु चिकित्सा शिविर
  • सफाई और प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था
    प्रत्येक शिविर के लिए अलग-अलग नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

निगरानी और तटबंध सुरक्षा

  • बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल नवगछिया और भागलपुर द्वारा तटबंधों की सुरक्षा और बाढ़-निरोधात्मक कार्रवाई लगातार की जा रही है।
  • ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा सभी सड़कों की निगरानी की जा रही है।
  • जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी स्वयं सुबह-शाम राहत कार्य और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें, ताकि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


 

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