ड्रोन से लेकर मोटरबोट तक, पुलिस ने शराब माफियाओं के खेल पर कसा शिकंजा
पटना, 10 अगस्त।बिहार में शराबबंदी कानून को तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज़ रफ़्तार पकड़ चुकी है। जनवरी से जुलाई 2025 के बीच झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की सीमाओं पर सघन वाहन जांच में पुलिस ने 6,531 लीटर अवैध शराब बरामद की है।
सबसे ज्यादा 4,467 लीटर शराब उत्तर प्रदेश सीमा से, 1,949 लीटर झारखंड सीमा से और 115 लीटर पश्चिम बंगाल सीमा से पकड़ी गई। इस दौरान 123 केस दर्ज और 45 तस्कर गिरफ्तार हुए।
राज्यव्यापी जब्ती – 98% शराब नष्ट
शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक 4,09,10,714 लीटर शराब जब्त की जा चुकी है, जिसमें से 98% शराब नष्ट कर दी गई है।
तस्करी में इस्तेमाल 1,48,432 वाहन जब्त हुए, जिनमें से 96,060 वाहन नीलाम या जुर्माना लेकर छोड़े गए।
ड्रोन और मोटरबोट से हाई-टेक कार्रवाई
पुलिस ने सिर्फ ज़मीनी घेराबंदी ही नहीं, बल्कि आसमान और पानी पर भी नज़र कड़ी कर दी है।
- ड्रोन ऑपरेशन – जुलाई 2025 तक 21,331 छापेमारी, 1,589 केस दर्ज, 7,31,461 लीटर शराब बरामद
- मोटरबोट ऑपरेशन – 11,088 छापेमारी, 374 केस दर्ज, 1,76,684 लीटर शराब जब्त
चेकपोस्ट पर सख्ती – 22,500 गिरफ्तार
राज्य के 38 जिलों में चेकपोस्ट जांच में 22,500 गिरफ्तारियां हुईं। इनमें –
- 16,211 शराब पीने के आरोपी
- 6,395 शराब बेचने वाले
इस दौरान 2,374 वाहन जब्त किए गए।
अवैध फैक्ट्रियों पर धावा
जनवरी से जुलाई के बीच औरंगाबाद, बेगूसराय, भोजपुर, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पटना, रोहतास, समस्तीपुर और वैशाली में 43 अवैध शराब फैक्ट्रियां पकड़ी गईं।
इनसे जुड़े 61 अभियुक्त गिरफ्तार हुए।
शराब माफियाओं पर वार
- 71 बड़े शराब माफियाओं पर सीसीए (क्राइम कंट्रोल एक्ट) के तहत कार्रवाई
- 12 जिलों में 18,338.85 लीटर स्प्रिट बरामद, 59 केस दर्ज, 51 गिरफ्तारियां
- इस दौरान 19 वाहन भी जब्त
यह रिपोर्ट साफ़ इशारा करती है कि पुलिस अब शराब तस्करी के खिलाफ सिर्फ बयानबाज़ी नहीं, बल्कि ज़मीन पर नतीजे देने वाले ऑपरेशन कर रही है — और ड्रोन से लेकर मोटरबोट तक हर हथियार का इस्तेमाल कर रही है।


