बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों को जिला और राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा
पटना, 10 अगस्त।राज्य में जमीन के कागजात से जुड़ी दशकों पुरानी समस्याओं को सुलझाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 16 अगस्त से 20 सितम्बर तक राजस्व महा–अभियान चलाने का एलान किया है।
रविवार को शास्त्रीनगर स्थित राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव (एसीएस) दीपक कुमार सिंह ने साफ कहा — “गांव–गांव, घर–घर तक इस अभियान को पहुंचाने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका सबसे अहम होगी।”
जमीन के कागजात – सबसे बड़ी समस्या
एसीएस सिंह ने माना कि दाखिल–खारिज, परिमार्जन, उत्तराधिकार नामांतरण, बंटवारा नामांतरण और छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करने से जुड़े मामले अब भी लोगों के लिए सिरदर्द हैं।
ऑनलाइन सेवाएं होने के बावजूद हजारों लोग अभी भी जमीन के कागज़ों में गड़बड़ी से परेशान हैं।
कैसे होगा काम – घर–घर जाएगी टीम
- टीम जमाबंदी की प्रति और आवेदन प्रपत्र लेकर लोगों के घर तक जाएगी।
- आवेदन लेने के साथ ही नाम और मोबाइल नंबर के साथ रजिस्ट्रेशन होगा, ताकि बाद में उसकी स्थिति आसानी से ट्रैक की जा सके।
- ऑनलाइन जमाबंदी में सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी।
पंचायत प्रतिनिधियों की होगी बड़ी जिम्मेदारी
मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत सचिव और ग्राम कचहरी प्रतिनिधि लोगों को अभियान के बारे में जागरूक करेंगे और फॉर्म भरवाने में मदद करेंगे।
एसीएस सिंह ने साफ कहा — “जमीन से जुड़े मामलों का समाधान तभी होगा जब पंचायत स्तर पर लोग सक्रिय रहेंगे।”
तीन चरणों में होगा अभियान
आईटी मैनेजर आनंद शंकर ने बताया —
- तैयारी चरण – (12 अगस्त तक अंचलवार माइक्रो प्लान तैयार)
- आयोजन चरण – शिविरों की स्थापना और आवेदन संग्रह
- निष्पादन चरण – आवेदनों का निपटारा और ऑनलाइन अपडेट
अन्य विभागों का भी सहयोग
अभियान को सफल बनाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, अनुसूचित जाति/जनजाति विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीम भी शामिल होगी।
सम्मान और प्रोत्साहन
जिन जिलों और अधिकारियों का काम बेहतरीन रहेगा, उन्हें जिला और राज्य स्तर पर पुरस्कार दिया जाएगा।
बैठक में गूंजे सुझाव
बैठक में मुखिया संघ, पंचायत सचिव संघ, वार्ड सदस्य संघ, ग्राम कचहरी न्यायमित्र संघ, बिहार राजस्व अमीन संघ और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए।
एसीएस सिंह ने सभी को भरोसा दिलाया कि जरूरी सुझावों पर अमल होगा।
बैठक में सचिव गोपाल मीणा, निदेशक चकबंदी राकेश कुमार, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, संयुक्त सचिव अनिल कुमार पांडेय, अजीव वत्सराज, अपर सचिव महेंद्र पाल, उप निदेशक मोना झा समेत विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद थे।


