भागलपुर |तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) परिसर में ऐतिहासिक पल की घड़ी नज़दीक है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों तिलकामांझी प्रतिमा के अनावरण का कार्यक्रम प्रस्तावित है, और इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन युद्धस्तर पर तैयारियों में जुट गया है।
रास्ता बनाने के लिए गिरी दीवार
शुक्रवार को छात्र सेवा केंद्र के पास मुख्य सड़क से सटी विश्वविद्यालय की दीवार को जेसीबी से ढहा दिया गया। वजह—राष्ट्रपति के काफिले के लिए एक नया, आसान और सुरक्षित मार्ग तैयार करना।
दिलचस्प बात यह है कि यह निर्णय बाढ़ के पानी के विवि परिसर में घुस आने के बाद लिया गया।
दो घंटे में लगी प्रतिमा
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से तिलकामांझी की प्रतिमा को तय स्थान पर स्थापित कर दिया गया। जैसे ही प्रतिमा अपनी जगह पर पहुंची, पूरे परिसर में माहौल और भी जोश से भर गया।
जलजमाव हटाने में लगी मशीनें
दीवार तोड़ने के बाद कार्यक्रम स्थल के पास बने एक गड्ढे में जलजमाव हो गया था। तुरंत मोटर पंप लगाकर पानी निकाला गया और वहां मिट्टी भराई का काम शुरू हुआ, ताकि रास्ता पूरी तरह समतल और सुरक्षित हो सके।
कार्यक्रम स्थल को पहले ही बाढ़ से बचाने के लिए ऊंचा कर दिया गया था, इसलिए पानी वहां तक नहीं पहुंच पाया। फिर भी विश्वविद्यालय प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
कुलपति खुद कर रहे मॉनिटरिंग
कुलपति प्रो. जवाहर लाल तैयारियों पर सीधी निगरानी रख रहे हैं। उन्हें प्रतिमा की स्थापना और नए मार्ग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रतिमा स्थापना के समय कॉलेज इंस्पेक्टर डॉ. संजय कुमार झा, कुलसचिव डॉ. रामाशीष पूर्वे, निर्माण समिति के सिंडिकेट सदस्य डॉ. मृत्युंजय सिंह गंगा, सीनेट सदस्य डॉ. शंभु दयाल खेतान, वित्त समिति सदस्य गौरी शंकर डोकानियां, विश्वविद्यालय अभियंता संजय कुमार और अंजनी कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।


