पटना, 08 अगस्त 2025: सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में आज पटना स्थित दीपनारायण सिंह सहकारी प्रशिक्षण संस्थान में एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सहकारिता विभाग और सहकारी बैंकों के शीर्ष प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
मुख्य एजेंडा
- पैक्स को बहुद्देश्यीय बनाना
- विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना की प्रगति
- पैक्स कम्प्यूटराइजेशन
- विभागों के बीच समन्वय से योजनाओं को समय पर लागू करना
वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी
कार्यक्रम में भारत सरकार के संयुक्त सचिव सिद्धार्थ नाथ जैन, सहकारिता विभाग बिहार के सचिव धर्मेंद्र सिंह, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक अंशुल अग्रवाल, और कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सहकारिता मंत्रालय के सचिव आशीष कुमार भूटानी और नाबार्ड के चेयरमैन के.बी. शाजी ने ऑनलाइन संबोधित किया।
महत्वपूर्ण घोषणाएं और सुझाव
- पैक्स में महिलाओं, भूमिहीनों, बटाइदारों व कामगारों की सदस्यता बढ़ाने पर जोर
- निष्क्रिय पैक्सों को सक्रिय बनाने की कार्ययोजना
- ग्रामीण क्षेत्रों में पैक्स के जरिए सभी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कदम
- सहकारी बैंकों में आधुनिक सुविधाएं लाने का संकल्प
- नाबार्ड द्वारा गोदाम निर्माण और कम्प्यूटराइजेशन में राज्यों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन
बिहार की उपलब्धियां
- 7,167 गोदाम निर्माण पूर्ण — 16.67 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता
- पैक्स कम्प्यूटराइजेशन में तेजी
- ऑनलाइन सदस्यता को बढ़ावा
- माइक्रो एटीएम और नई शाखाओं के जरिए ग्रामीण बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार
कार्यशाला के अंत में चारों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए साझा समझ बनी। भारत सरकार और नाबार्ड ने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सभी राज्यों को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।


