
आईजी (आधुनिकीकरण) की कमेटी कर चुकी है दोनों राज्यों का दौरा
8 अगस्त, पटना: बिहार पुलिस भी अब अपने पूरे कामकाज को पूरी तरह डिजिटल करने की दिशा में बढ़ रही है। इसके लिए आईजी (आधुनिकीकरण) पी. कनन की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी बनाई गई है, जो हाल ही में तेलंगाना और कर्नाटक के डिजिटल पुलिस सिस्टम का अध्ययन कर लौटी है।
एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जल्द ही इसे लागू करने की तैयारी तेज़ हो जाएगी और पूरी प्रणाली मोबाइल आधारित भी होगी।
डिजिटाइजेशन से होंगे ये बड़े बदलाव
- रजिस्टर, मैनुअल और फाइलों का आदान-प्रदान ऑनलाइन
- डिजिटल संरक्षण से दस्तावेज़ और साक्ष्य सुरक्षित, छेड़छाड़ असंभव
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू होने के बाद डिजिटल साक्ष्य जुटाने में आसानी
- पुलिस के हर स्तर – थाना से लेकर इकाई तक – ऑनलाइन कामकाज
एडीजी के अनुसार, डिजिटाइजेशन से पुलिस न केवल तेज़ी और पारदर्शिता से काम करेगी बल्कि साक्ष्य संग्रह और संरक्षण की क्षमता भी बढ़ेगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बड़े कदम
- मुजफ्फरपुर – बीसैप-6 के लिए 32.38 एकड़ जमीन हस्तांतरित
- बेगूसराय (मंझौल) – बीसैप-19 के लिए 32.38 एकड़ जमीन
- 24 थाना भवन, 2 एडीपीओ कार्यालय, 5 अंचल पुलिस निरीक्षक, 4 एसपी आवास के लिए जमीन आवंटन
- गया – डायल-112 सेकेंडरी कमांड व कंट्रोल सेंटर के लिए ₹1.66 करोड़ जारी
- पटना (राजीव नगर) – डायल-112 कार्यालय हेतु 84.36 डिसमिल जमीन
- पटना (लोदीपुर) – एसटीएफ के लिए कार्यालय और जमीन उपलब्ध


