पटना, 8 अगस्त 2025:शेखपुरा के पूर्व अंचलाधिकारी (सीओ) प्रिंस राज बड़े संकट में फंस गए हैं। जांच में उनके मैट्रिक परीक्षा के अंक पत्र और प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इन दस्तावेजों को रद्द कर दिया है, जिसके बाद उनकी सरकारी सेवा पर तलवार लटक गई है।
एसवीयू की बड़ी कार्रवाई
विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने इस फर्जीवाड़े के आधार पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को पत्र लिखकर प्रिंस राज को सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की है।
एसवीयू ने पहले से ही प्रिंस राज के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर रखा है। इसी सिलसिले में इस वर्ष अप्रैल 2025 में उनके खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी।
मामला कैसे खुला?
- जांच के दौरान एसवीयू ने उनके शैक्षणिक दस्तावेजों की पड़ताल की।
- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने पुष्टि की कि मैट्रिक के प्रमाणपत्र और अंक पत्र फर्जी हैं।
- इसके बाद समिति ने आधिकारिक तौर पर इन दस्तावेजों को रद्द कर दिया।
आगे क्या?
अब विभागीय प्रक्रिया पूरी होते ही प्रिंस राज की सरकारी नौकरी से बर्खास्तगी तय मानी जा रही है। साथ ही, फर्जी दस्तावेज पेश करने के मामले में फौजदारी कार्रवाई की भी संभावना है।


