पटना/नई दिल्ली, 7 अगस्त 2025: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार राज्य में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) 2025 की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। मतदाता सूची को अद्यतन, सटीक और समावेशी बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस प्रक्रिया में जहां एक ओर तकनीकी नवाचार और डिजिटल पारदर्शिता को महत्व दिया गया है, वहीं दूसरी ओर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों और मतदाताओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है।
अब हर मतदाता तक पहुंचेगी व्यवस्था
भारत निर्वाचन आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21(2)(ए) और मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के नियम 25 के तहत हर चुनाव से पूर्व मतदाता सूची के पुनरीक्षण को अनिवार्य किया है। इसी कानूनी प्रावधान के तहत बिहार में SIR 2025 का कार्य तीव्र गति से चल रहा है।
हर बूथ पर कम भीड़, अधिक सुविधा
बिहार देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने प्रत्येक बूथ पर मतदाताओं की संख्या 1200 तक सीमित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 77,895 से बढ़ाकर 90,712 कर दी गई है। इसके अनुसार बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की संख्या भी समान रूप से बढ़ा दी गई है, जिससे हर केंद्र पर कार्यभार संतुलित रहे।
बीएलओ की ताकत में भारी इजाफा
पहले जहाँ राज्यभर में 77,895 BLO कार्यरत थे, अब यह संख्या बढ़ाकर 90,712 कर दी गई है। इसके साथ ही मतदाता जागरूकता और सहयोग के लिए स्वयंसेवकों की संख्या भी 1 लाख से बढ़ाकर 4 लाख तक पहुंचा दी गई है, जिससे मतदाताओं को घर-घर जाकर जागरूक किया जा सके।
राजनीतिक दलों ने भी दिखाई सक्रियता
बिहार के 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने अपने बीएलए (Booth Level Agents) की संख्या 1,38,680 से बढ़ाकर 1,60,813 कर दी है। यह साफ संकेत है कि राजनीतिक दल भी अब मतदाता सूची में सुधार को गंभीरता से ले रहे हैं और हर मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए तत्पर हैं।
डेड वोटरों की पहचान पर फोकस
SIR 2025 के अंतर्गत ऐसे मतदाताओं की सूची तैयार की गई है जिनकी मृत्यु हो चुकी है, या जो स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके हैं, या जिनके पास दोहरी प्रविष्टि (duplicate entry) है। BLO द्वारा कम से कम तीन बार संपर्क के बाद भी जिनसे संपर्क नहीं हो पाया, ऐसे नामों की सूची सभी राजनीतिक दलों के साथ 20 जुलाई तक साझा की जा चुकी है। यह सूची चरणबद्ध रूप से अलग-अलग प्रेस नोट्स के ज़रिए साझा की गई।
मसौदा सूची सार्वजनिक, आपत्तियों पर कार्य जारी
1 अगस्त 2025 को बूथ-वार मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। इसे सभी राजनीतिक दलों के साथ साझा किया गया है और एक सार्वजनिक विज्ञापन के माध्यम से इसकी सूचना भी जारी की गई है। यह मसौदा आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=S04 पर उपलब्ध है।
दावों और आपत्तियों की निगरानी दैनिक
भारत निर्वाचन आयोग हर दिन बुलेटिन के माध्यम से दावों और आपत्तियों की जानकारी साझा कर रहा है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और नागरिकों को उनके मताधिकार से जोड़ा जा सके।
SIR 2025 न केवल मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की दिशा में बड़ा अभियान है, बल्कि यह बिहार के चुनावी ढांचे को अधिक पारदर्शी, समावेशी और आधुनिक बनाने की दिशा में निर्णायक कदम भी है। चुनाव आयोग की इस पहल से राज्य में मतदाता सशक्तिकरण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूती मिलेगी।


