बांका/रजौन, 7 अगस्त – सावन की तपती दोपहर, कांवरियों की थकी हुई देह, लेकिन आँखों में बाबा बासुकिनाथ के दर्शन की चमक। गंगाजल से भरी कांवर को कंधों पर लेकर भागलपुर से बासुकिनाथ धाम की ओर बढ़ते श्रद्धालु जब रजौन पहुंचते हैं, तो उन्हें राहत देती है एक अनोखी पहल — मेडिको लाइफ प्राइवेट लिमिटेड का निःशुल्क सेवा शिविर।
यह कोई सामान्य पड़ाव नहीं, बल्कि एक ऐसी जगह है जहाँ सेवा, संवेदना और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। सावन की हर सोमवारी को यह शिविर कांवरियों के लिए थकावट मिटाने की ठंडी छांव बनकर उभरता है।
थकान नहीं, सेवा का संकल्प
रजौन बाजार के पास लगे इस शिविर में पहुँचते ही कांवरियों का गर्म पानी से स्वागत किया जाता है ताकि उनके थके पैरों को राहत मिल सके। किसी के पैर में मोच हो या कंधे में दर्द, प्राथमिक उपचार और दर्द निवारक दवाएं मौके पर दी जाती हैं।
खास बात यह कि यहाँ केवल दवाइयाँ ही नहीं, बल्कि ऊर्जा देने वाले फलाहार की भी व्यवस्था रहती है — ताकि श्रद्धालु दोबारा ऊर्जा से भरकर अपनी कठिन यात्रा जारी रख सकें।
सिर्फ व्यापार नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
होम केयर प्रोडक्ट्स की अग्रणी कंपनी मेडिको लाइफ प्रा. लि. का यह कदम यह दर्शाता है कि वह केवल उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और संस्कृति के प्रति भी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभा रही है।
कंपनी का यह सेवा शिविर CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) का बेहतरीन उदाहरण है, जो यह साबित करता है कि निजी क्षेत्र भी धार्मिक और सामाजिक कार्यों में अहम भूमिका निभा सकता है।
आस्था की राह पर मानवीयता का दीप
इस तरह के शिविर न केवल कांवरियों को राहत देते हैं, बल्कि समाज को यह संदेश भी देते हैं कि मानवता और सेवा किसी धर्म या व्यवसाय की सीमाओं में नहीं बंधी होती। जब श्रद्धालु थक कर बैठते हैं और कोई बिना किसी स्वार्थ के उन्हें पानी, दवा और फल दे रहा होता है — तो वह सेवा कहीं न कहीं भक्ति से भी ऊपर हो जाती है।
मेडिको लाइफ का यह प्रयास सावन यात्रा में एक नया आयाम जोड़ रहा है। यह सिर्फ एक सेवा शिविर नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है उन तमाम संगठनों और लोगों के लिए, जो समाज की भलाई के लिए कुछ करना चाहते हैं।
जब लाखों श्रद्धालु बाबा बासुकिनाथ की ओर अग्रसर होते हैं, तो बीच राह में मेडिको लाइफ जैसे संस्थान उनके भरोसे का सहारा बनते हैं। यह शिविर सावन की तपिश में एक शीतल बयार है, जो थकान तो मिटाता ही है, मन में सेवा और विश्वास का दीप भी जलाता है।


