पुनैरा धाम में भव्य जानकी मंदिर निर्माण का सपना होगा साकार, अमित शाह 8 अगस्त को रखेंगे आधारशिला

67 एकड़ में फैलेगा भव्य मंदिर परिसर, 11 महीने में होगा निर्माण कार्य पूरा, सरकार ने जारी किए 882 करोड़ रुपये

पटना, 7 अगस्त। सीतामढ़ी के पवित्र पुनैरा धाम में मां जानकी मंदिर के भव्य निर्माण की राह अब साफ हो गई है। 8 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसकी आधारशिला रखेंगे। यह मंदिर अयोध्या के राम मंदिर की भांति दिव्यता और भव्यता से परिपूर्ण होगा। समारोह के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भूमि पूजन की तैयारी जोरों पर है।

इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उनके मंत्रीगण और कई अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहेंगे। यह मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि बिहार के धार्मिक पर्यटन को एक नई ऊंचाई देने वाला केंद्र बनने जा रहा है।


बिहार सरकार का बड़ा ऐलान – 882.87 करोड़ की योजना स्वीकृत

1 जुलाई को बिहार कैबिनेट ने मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए ₹882.87 करोड़ की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दी।

  • ₹137 करोड़ पुराने मंदिर और परिसर के विकास पर खर्च होंगे।
  • ₹728 करोड़ पर्यटन-संबंधी ढांचागत विकास पर खर्च होंगे।
  • ₹16 करोड़ अगले 10 वर्षों तक मेंटेनेंस पर खर्च होंगे।

इस योजना को बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BSTDC) द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा।


नीतीश कुमार ने किया डिजाइन का अनावरण, ट्रस्ट का भी गठन

22 जून को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मां जानकी मंदिर के भव्य डिज़ाइन का अनावरण किया था। इसके बाद 26 जून को बिहार सरकार ने “श्री जानकी जन्मभूमि पुनाुरा धाम मंदिर न्यास समिति” नामक 9 सदस्यीय ट्रस्ट का गठन किया। यह ट्रस्ट मंदिर निर्माण और उससे जुड़े प्रबंधन का जिम्मा संभालेगा।

वर्तमान में पुनाुरा धाम परिसर में 17 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जबकि 50 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज़ी से जारी है। 29 जुलाई को कैबिनेट ने इसके लिए ₹165.57 करोड़ के संशोधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी।


क्या-क्या होगा मंदिर परिसर में? जानिए पूरी योजना

यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक-सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। मंदिर परिसर में निम्नलिखित प्रमुख सुविधाएं होंगी –

  • मां जानकी कुंड का सौंदर्यीकरण
  • यज्ञ मंडप, संग्रहालय, ऑडिटोरियम
  • धार्मिक परिक्रमा पथ
  • धर्मशाला, कैफेटेरिया, पार्किंग ज़ोन
  • संतानवतिकालव कुश वाटिका और सीता वाटिका
  • बच्चों के लिए खेल क्षेत्र
  • महिलाओं और वृद्धों के लिए सुविधाजनक ढांचा

धार्मिक आस्था को मिलेगा नया केंद्र, पर्यटन को मिलेगा संबल

पुनाुरा धाम को मां सीता की जन्मस्थली माना जाता है और यह हिंदुओं की गहन आस्था का केंद्र रहा है। वर्षों से स्थानीय और दूरदराज़ के श्रद्धालु यहां पहुंचते रहे हैं, लेकिन अब इसका कायाकल्प होगा।

यह परियोजना बिहार को न केवल एक नया धार्मिक पर्यटन स्थल देगी, बल्कि स्थानीय रोजगार, हस्तशिल्प, और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी। साथ ही, देशभर के रामायण सर्किट में यह धाम एक प्रमुख स्थान ग्रहण करेगा।

पुनाुरा धाम का यह भव्य मंदिर एक ऐतिहासिक पहल है, जो बिहार की संस्कृति, आस्था और पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठा दिलाने जा रही है। अब सभी की निगाहें 8 अगस्त पर टिकी हैं, जब अमित शाह इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की नींव रखेंगे।


 

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