पटना, 7 अगस्त।बिहार में अब अपराधियों के दिन लद चुके हैं! जिन अपराधियों ने खून-खराबे, लूट, फिरौती, बालू माफिया और तमाम गैरकानूनी धंधों से अकूत दौलत बटोरी थी, अब उनके महलों पर ताले लगने शुरू हो चुके हैं। बिहार पुलिस ने राज्यव्यापी स्तर पर अपराध से अर्जित संपत्ति पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है और यह कार्रवाई पूरे दमखम से की जा रही है।
1300 से ज्यादा अपराधियों की कुंडली तैयार — कोर्ट से 6 की संपत्ति जब्त करने का आदेश भी जारी
बिहार के सभी 38 जिलों से 1300 ऐसे अपराधियों की लिस्ट तैयार की गई है, जिन्होंने आपराधिक गतिविधियों से संपत्ति बनाई है। इन पर अब सीधी कार्रवाई हो रही है। तीन स्तरों — एसडीपीओ, एसपी और कोर्ट — से जांच व सत्यापन के बाद अब तक 279 मामलों को अदालत में भेजा जा चुका है। अब तक 6 कुख्यात अपराधियों की संपत्ति जब्ती का आदेश अदालत से मिल चुका है।
किशनगंज से लेकर नवादा तक, माफिया पर गिरी गाज
सबसे ताजा कार्रवाई किशनगंज जिले के तीन खूंखार अपराधियों पर हुई है:
- रहीमुद्दीन उर्फ हैबर (ठाकुरगंज थाना),
- चांद हुसैन उर्फ चांद (विशनपुर थाना),
- मो. कुर्बान (सदर थाना, खगड़ा)
इसके अलावा नवादा के नरहट थाना क्षेत्र के बालू माफिया अजय कुमार उर्फ दीपम उर्फ दीपक की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इनके नाम दर्जनों केस दर्ज हैं, और इनकी अकूत दौलत अब सरकार के कब्जे में जाने वाली है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा अपराधी दबोचे गए
अब तक जिन जिलों से सबसे ज्यादा अपराधियों की अवैध संपत्तियों की जानकारी सामने आई है, उनमें पटना सबसे ऊपर है:
| जिला | चिन्हित अपराधी |
|---|---|
| पटना | 82 |
| गया | 55 |
| रोहतास | 49 |
| मोतिहारी | 48 |
| मुजफ्फरपुर | 43 |
| भागलपुर | 43 |
| मधुबनी | 42 |
| नालंदा | 41 |
| दरभंगा | 39 |
| समस्तीपुर | 35 |
| सारण | 36 |
| वैशाली | 33 |
| पूर्णिया | 32 |
| सीवान | 27 |
| बक्सर | 24 |
ADG कुंदन कृष्णन का बड़ा बयान
“हम अपराध की कमाई से बने साम्राज्य को जड़ से उखाड़ रहे हैं। जिन लोगों ने कानून को चुनौती दी, उन्हें अब संपत्ति से हाथ धोना पड़ेगा। सभी जिलों को आदेश दिए गए हैं कि वे ऐसे अपराधियों की सूची बनाकर उनके अवैध संसाधनों का ब्यौरा कोर्ट को भेजें। अदालत से मंजूरी मिलते ही जब्ती की कार्रवाई तेज़ी से की जाएगी।”
— कुंदन कृष्णन, एडीजी (मुख्यालय), बिहार पुलिस
अब सिर्फ जेल नहीं, दौलत भी जाएगी
बिहार पुलिस का यह रुख साफ संकेत दे रहा है कि अब अपराधियों को सिर्फ जेल की हवा ही नहीं खानी होगी, बल्कि उनकी वो संपत्ति भी छिन जाएगी जो उन्होंने अवैध तरीके से बनाई है। यह संदेश साफ है— अपराध का रास्ता अब बर्बादी की गारंटी है।


