
पटना, 7 अगस्त 2025 — बिहार में स्वरोजगार की दिशा में एक और सुनहरा मौका सामने आया है। अब आप भी सरकारी मदद से एवोकाडो की नर्सरी खोलकर अच्छी आमदनी कर सकते हैं। कृषि विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन के तहत मुजफ्फरपुर, नालंदा, बेगूसराय और पूर्णिया जिलों के किसानों/संस्थाओं/प्राइवेट सेक्टर से ऑनलाइन आवेदन मांगा है।
इस योजना के तहत चयनित आवेदकों को 20 लाख रुपये तक की सरकारी मदद मिलेगी। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इच्छुक आवेदक https://onlinedbtagriservice.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
कौन कर सकता है आवेदन?
- केवल चार जिलों के आवेदक — मुजफ्फरपुर, नालंदा, बेगूसराय और पूर्णिया।
- किसान, पब्लिक संस्था या प्राइवेट सेक्टर के व्यक्ति या समूह।
- कम से कम 0.4 हेक्टेयर जमीन होनी चाहिए।
- DBT पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य।
- ज़मीन के कागजात, पासपोर्ट साइज फोटो और जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करना जरूरी।
- एससी/एसटी वर्ग के लिए जाति प्रमाण पत्र भी आवश्यक।
किन दस्तावेज़ों की जरूरत पड़ेगी?
- नर्सरी प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
- नर्सरी का ले-आउट प्लान
- बैंक से ऋण स्वीकृति पत्र या रिपोर्ट
- भूमि प्रमाण पत्र
- जियो टैग्ड फोटो
- डीबीटी रजिस्ट्रेशन
मिलेगी 20 लाख की मदद, ऐसे मिलेगी किस्त
- चयन के बाद आदेश जारी होने पर पहली किस्त में 10 लाख रुपये।
- आधारभूत ढांचा तैयार करने के तीन महीने के भीतर कार्य पूर्ण करना होगा।
- फरवरी 2026 तक यदि कार्य पूरा नहीं होता, तो अनुदान रद्द हो जाएगा।
- प्लांटिंग मटीरियल उत्पादन शुरू होने के बाद जांच के आधार पर दूसरी किस्त के 10 लाख रुपये दिए जाएंगे।
क्यों खास है एवोकाडो?
एवोकाडो को ‘सुपरफूड’ कहा जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है और बाजार में इसकी कीमत भी ज्यादा होती है। बिहार में इसकी खेती और नर्सरी की अपार संभावनाएं हैं, जो किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकती हैं।
राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन क्या है?
भारत सरकार द्वारा 2021-22 में शुरू किया गया यह मिशन खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता लाने का प्रयास है। भारत अपनी 60% से ज्यादा खाद्य तेल की जरूरत आयात से पूरी करता है। इस मिशन के तहत:
- सरसों, मूंगफली, तिल, सूरजमुखी, सोयाबीन जैसी तिलहन फसलों को बढ़ावा।
- वैकल्पिक फसल जैसे जैतून, अरण्डी, एवोकाडो, पाम ऑयल आदि को प्रोत्साहन।
फायदा ही फायदा:
- सरकार से 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद।
- एवोकाडो की खेती से लाभदायक कमाई।
- स्वरोजगार का सुनहरा अवसर।
- खेती में नई तकनीक और आधुनिकता का समावेश।
तो देर किस बात की? अगर आप मुजफ्फरपुर, नालंदा, बेगूसराय या पूर्णिया के किसान हैं और आपके पास जमीन है, तो आज ही आवेदन करें और एवोकाडो नर्सरी खोलकर बनें आत्मनिर्भर!


